हल्द्वानी: जानिए इंदिरा के वो 5 सपने, जो अधूरे रह गए…

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृत विचार। हल्द्वानी की विधायक रहते शहर और आसपास के इलाकों के विकास के लिए इंदिरा हृदयेश ने एक विजन तैयार किया था। वह हल्द्वानी का विकास महानगरों के तर्ज पर करना चाहतीं थीं। जिससे शहर के साथ ही आसपास का विकास हो सके और आने वाले 10-20 सालों में हल्द्वानी और उसके आसपास …

हल्द्वानी, अमृत विचार। हल्द्वानी की विधायक रहते शहर और आसपास के इलाकों के विकास के लिए इंदिरा हृदयेश ने एक विजन तैयार किया था। वह हल्द्वानी का विकास महानगरों के तर्ज पर करना चाहतीं थीं। जिससे शहर के साथ ही आसपास का विकास हो सके और आने वाले 10-20 सालों में हल्द्वानी और उसके आसपास का इलाका महानगर के तौर पर विकसित हो। अपने मंत्री रहते उन्होंने कई विकास कार्यों की नींव डाल दी थी लेकिन सरकार बदलते ही वह काम रुक गए।

1- अंतर्राज्यीय बस अड्डा– नेता प्रतिपक्ष ने 200 करोड़ गौलापार में अंतर्राज्यीय बस अड्डे की नींव रखी। कुमाऊंवासियों की मांग थी कि शहर में एक आईएसबीटी हो। आईएसबीटी का काम भी शुरू हो गया। बाद में भाजपा की सरकार आने के बाद आईएसबीटी का काम रोक दिया गया। भाजपा ने दावा किया कि वह आईएसबीटी के लिए नई जमीन तलाशेगी लेकिन ऐसा नहीं हो पाया और हल्द्वानी में आईएसबीटी बनाने का काम अधूरा रह गया।

2- अंतर्राष्ट्रीय जू- 100 करोड़ की लागत से गौलापार में ही अंतराष्ट्रीय जू बनाया जा रहा था। इसके लिए इंदिरा हृदयेश ने काफी कोशिश की थी और उनकी सफलता भी रंग लाई। जू निर्माण का काम भी शुरू हो गया। सरकार बदलते ही जू का भी वही हुआ जो आईएसबीटी का हुआ। जू का काम भी रोक दिया गया। अगर यह जू बन जाता तो हल्द्वानी की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर होती।

3- अंतराष्ट्रीय स्टेडियम निर्माण- गौलापार में अंतराष्ट्रीय स्टेडियम को बनाए जाने की कवायद काफी दिनों से चल रही थी लेकिन काम को पंख लगे 2012 के बाद। 2016 के दौरान इस स्टेडियम निर्माण के दौरान यहां पर द ग्रेट खली और अन्य अंतराष्ट्रीय रेसलरों ने रेसलिंग प्रतियोगिता भी आयोजित की थी। बाद में स्टेडियम का काम काफी तेजी से हुआ। लेकिन कोरोना संक्रमण के बाद इसमें खेल नहीं शुरू हो पाए। वैसे यहां पर राष्ट्रीय खेलों का आयोजन होना प्रस्तावित था जो कोरोना के चलते टल गए।

4- रिंग रोड- हल्द्वानी में रिंग रोड बनाया जाना उनका प्रमुख सपना था। बाद में भाजपा के सीएम त्रिवेंद्र रावत ने भी रिंग रोड बनाए जाने की वकालत की थी हालांकि यह काम घोषणाओं से ऊपर नहीं बढ़ पाया। इंदिरा हृदयेश ने कहा था कि कांग्रेस की सरकार आने पर हल्द्वानी में रिंग रोड का सपना पूरा कर दिया जाएगा।

5- ग्रेटर हल्द्वानी- नोएडा की तर्ज पर वह हल्द्वानी से सटे गौलापार में ग्रेटर हल्द्वानी बनाना चाहतीं थीं। इस लिए उन्होंने काफी विकास कार्यों की नींव डाली। लेकिन वह विकास के काम रूकने के साथ ही ग्रेटर हल्द्वानी का सपना भी रूक गया। वह यहां पर एक बड़ी आबादी को बसाकर इस क्षेत्र का नगरीकरण करना चाहतीं थीं।

कुछ सपने पूरे भी हुए

हालांकि उनकी कुछ अभिलाषाएं पूरी भी हुईं। जिनमें हल्द्वानी वालों के पास एक बड़ा आयुष अस्पताल हो इसके लिए 2016 में उन्होंने मिनी स्टेडियम के सामने आयुष अस्पताल की नींव रखी। इसका निर्माण भी जोर शोर से हुआ। अब इस अस्प्ताल का शीघ्र ही उद्घाटन होने जा रहा है।

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