हल्द्वानी: धर्मपरिवर्तन करवा किया निकाह, राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग पहुंचा मामला
हल्द्वानी, अमृत विचार। कालाढूंगी निवासी एक महिला के बच्चों के साथ उत्तर प्रदेश के रामपुर जनपद के ग्राम बैरुआ में खतने के नाम पर क्रूरता करने की घटना प्रकाश में आई है। मामला राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग तक पहुंच गया है। उत्तर प्रदेश बाल संरक्षण आयोग की जांच में बच्चों का खतना किए जाने की …
हल्द्वानी, अमृत विचार। कालाढूंगी निवासी एक महिला के बच्चों के साथ उत्तर प्रदेश के रामपुर जनपद के ग्राम बैरुआ में खतने के नाम पर क्रूरता करने की घटना प्रकाश में आई है। मामला राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग तक पहुंच गया है। उत्तर प्रदेश बाल संरक्षण आयोग की जांच में बच्चों का खतना किए जाने की पुष्टि की है। पुलिस ने इस मामले में शामिल एक महिला समेत चार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। मुख्य आरोपी फरार है।
बाजपुर निवासी हरकेश की आठ मई को सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इसके बाद उसकी पत्नी अपने बच्चों के साथ कालाढूंगी में रहने लगी थी। इस बीच खुद को हरिकेश का दोस्त बताने वाले उत्तर प्रदेश के जिला रामपुर ग्राम बैरुआ निवासी ट्रक चालक महफूज उसकी पत्नी के संपर्क में आया। उसे व उसके बच्चों को सहारा देने के बहाने अपने गांव ले गया।
इस बीच महफूज ने दो बच्चों की मां का धर्म परिवर्तन करवा उससे निकाह कर लिया और महिला और उसके बच्चों के नाम भी बदल दिए। इसके साथ ही महफूज ने महिला के दोनो बेटों का खतना करवाकर पूरे गांव को दावत दी। इसके बाद यह मामला चर्चा में आया और पुलिस ने छापा मारकर महफूज के घर से महिला व उसके बच्चों को छुड़ा लिया।
मुख्य आरोपी महफूज के पिता अंजार, मां मुमताज और खतना कराने वाले पुराना रायपुर गांव निवासी शकील के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। जबकि महफूज फरार हो गया। इस बीच मामला केंद्रीय बाल संरक्षण आयोग पहुंचा। निर्देश पर उत्तर प्रदेश बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ विशेष गुप्ता और उनकी टीम ने बैरुआ गांव पहुंचकर पूरे प्रकरण की जानकारी ली और ग्रामीणों के बयान दर्ज किए। इधर, पुलिस ने महिला और उसके बच्चों को बिलासपुर के नवाबगंज गुरुद्वारे में शरण दिलाई है। फरार आरोपी की तलाश की जा रही है।
