मजबूत होगी लड़ाई

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Edited By Amrit Vichar
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कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच इससे निपटने के लिए देश में तैयारियां युद्ध स्तर पर जारी हैं। कोविड-19 के खिलाफ अग्रिम मोर्चे पर तैयार योद्धाओं के लिए विशेष रूप से तैयार स्पेशल क्रेश कोर्स की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को की। इसके साथ ही 26 राज्यों में फैले 111 प्रशिक्षण …

कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच इससे निपटने के लिए देश में तैयारियां युद्ध स्तर पर जारी हैं। कोविड-19 के खिलाफ अग्रिम मोर्चे पर तैयार योद्धाओं के लिए विशेष रूप से तैयार स्पेशल क्रेश कोर्स की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को की। इसके साथ ही 26 राज्यों में फैले 111 प्रशिक्षण केन्द्रों में इस कार्यक्रम की शुरूआत हो गई।

इस कार्यक्रम के जरिए एक लाख से अधिक कोरोना योद्धाओं को कौशल का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस कार्यक्रम को 276 करोड़ रुपये के कुल वित्तीय परिव्यय के साथ प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना तृतीय के केन्द्रीय घटक के तहत एक विशेष कार्यक्रम के रूप में तैयार किया गया है। इसमें स्वास्थ्य के क्षेत्र में श्रमशक्ति की वर्तमान और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए कुशल गैर-चिकित्सा स्वास्थ्यकर्मियों को तैयार किया जाएगा।

वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस आज भी मौजूद है और इसके स्वरूप बदलने की संभावना बनी हुई है। इसलिए सभी सावधानियां बरतने के साथ ही भावी चुनौतियों से निपटने के लिए देश की तैयारियों को ज्यादा मजबूत करना होगा। वैज्ञानिकों के अनुसार कोरोना का डेल्टा स्वरूप अत्यधिक संक्रामक माना जाता है।

डेल्टा स्वरूप 50 फीसदी अधिक संक्रामक है। इसकी सबसे पहले पहचान देश में ही हुई। टीकाकरण ही कोरोना महामारी के खिलाफ सुरक्षा कवच है तो ऐसे में केंद्र, राज्यों व समाज को इस अभियान में जुटने की जरूरत है। देश में 21 जून से आरंभ हो रहे टीकाकरण अभियान के नए चरण में 18 साल से ऊपर के लोगों को वही सुविधा मिलेगी जो अभी 45 साल के ऊपर के लोगों को मिल रही थी।

कोरोना टीकाकरण में जनभागेदारी तभी सुनिश्चित हो सकती है जब टीका हर जगह आसानी से उपलब्ध हो। कोरोना की दूसरी लहर की तरह तीसरी लहर से बचाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में पूरी तैयारियां होनी चाहिएं। लोगों को मास्क पहनने और उचित दूरी का पालन करने सहित बचाव के सभी उपायों का पालन करना चाहिए। यह भी सुनिश्चित करना होगा कि बच्चे अगर संक्रमित होते हैं तो सभी जगह ज़रूरी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध रहें।

बच्चों की जरूरतें वयस्क लोगों से अलग होंगी तो बच्चों के लिए अस्पतालों में विशेष व्यवस्थाएं करनी होगी। उम्मीद की जा सकती है कि प्रशिक्षण कार्यक्रम महामारी की भविष्य की संभावित चुनौतियों से निपटने में कारगर साबित होगा। इस अभियान से कोविड से लड़ रहे स्वास्थ्य क्षेत्र के लोगों को नई ऊर्जा भी मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे।