चंपावत: दस किमी का सफर तय कर ‘मित्र पुलिस’ ने इस तरह बचाई तीन नेपालियों की जान, पढ़ें पूरी खबर…
चंपावत, अमृत विचार। भारत-नेपाल सीमा पर बनबसा में शारदा नदी के बीचों-बीच फंसे तीन नेपाली लोगों को चंपावत पुलिस ने सकुशल बाहर निकाल लिया। तीनों मवेशियों को ढूंढते-ढूंढते शारदा नदी के तेज बहाव में फंस गये। प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार शाम को बनबसा पुलिस को नेपाल पुलिस से सूचना मिली कि बनबसा से कुछ …
चंपावत, अमृत विचार। भारत-नेपाल सीमा पर बनबसा में शारदा नदी के बीचों-बीच फंसे तीन नेपाली लोगों को चंपावत पुलिस ने सकुशल बाहर निकाल लिया। तीनों मवेशियों को ढूंढते-ढूंढते शारदा नदी के तेज बहाव में फंस गये। प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार शाम को बनबसा पुलिस को नेपाल पुलिस से सूचना मिली कि बनबसा से कुछ दूरी पर फागपुर में शारदा नदी के बीच टापू में नेपाल के तीन लोग फंस गये हैं। शारदा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
जिससे इनकी जिदंगी को खतरा है। बनबसा के थानाध्यक्ष धर्मवीर सिंह सोलंकी, टनकपुर के थाना प्रभारी जसबीर सिंह चौहान की अगुवाई में जल पुलिस, पीएसी एवं अग्निशमन के जवान मौके के लिये रवाना हो गये। लगातार हो रही बरसात के साथ ही रात के अंधेरे में राहत एवं बचाव कार्य संचालित करना असंभव हो रहा था। जल पुलिस के जवान राफ्ट के माध्यम दस किमी का सफर तय कर उस टापू पर पहुंचे, जहां नेपाली लोग फंसे हुए थे। जवानों को देखकर तीनों का खुशी का ठिकाना नहीं रहा। टीम ने तीनों लोगों राजेन्द्र टम्टा, राम टम्टा और परमा तिरवा निवासी गड्डा चौकी, नेपाल को सकुशल बाहर निकाल लिया।
इन लोगों ने बताया कि वह अपनी मवेशियों को चराने के लिये शारदा नदी के किनारे आते हैं। मवेशी चरते-चरते इन टापुओं पर आ जाती हैं। जब भैंसे शाम तक घर नहीं लौटीं तो वह उनको ढूंढने के लिये निकले और वापस लौटने से पहले शारदा नदी के बहाव में फंस गये। आखिर में तीनों को नेपाल पुलिस एवं उनके परिजनों के हवाले कर दिया गया। सभी ने चंपावत पुलिस का आभार व्यक्त किया है।
