हल्द्वानी: मुनाफा कमाने वाले निजी स्कूलों पर लगेगी लगाम, शिक्षण शुल्क के अलावा अन्य कोई शुल्क लिया तो होगी कार्रवाई
हल्द्वानी, अमृत विचार। निजी स्कूलों में लगातार फीस को लेकर आ रही अनिमियताओं को देखकर शिक्षा विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। कोरोना की रोकथाम के दौरान बंद रहे विद्यालयों को फीस भुगतान के संबंध में सख्त निर्देश दिए हैं। पिछले साल कोरोना काल में कई विद्यालयों ने खेल, कम्प्यूटर आदि को शिक्षण शुल्क …
हल्द्वानी, अमृत विचार। निजी स्कूलों में लगातार फीस को लेकर आ रही अनिमियताओं को देखकर शिक्षा विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। कोरोना की रोकथाम के दौरान बंद रहे विद्यालयों को फीस भुगतान के संबंध में सख्त निर्देश दिए हैं। पिछले साल कोरोना काल में कई विद्यालयों ने खेल, कम्प्यूटर आदि को शिक्षण शुल्क में जोड़कर मुनाफा कमाया था। छात्रों व परिजनों को इस साल फीस में किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसलिए शिक्षा विभाग ने सभी निजी स्कूलों को फीस संबंधित जानकारी के निर्दश दे दिए हैं।
खंड शिक्षा अधिकारी हरेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि सभी विद्यालयों को फीस संबंधित सभी जानकारी दी गई है। इसमें फीस को लेकर किसी भी प्रकार की शिकायत मिलेगी तो संबंधित विद्यालयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
– ये हैं निर्देश
– ऑनलाइन और अन्य संचारों के माध्यम से शिक्षा देने वाले निजी विद्यालयों को विद्यालय बंद रहने की अवधि में केवल शिक्षण शुल्क(ट्यूशन फीस) की अनुमति दी है।
– कोरोना संक्रमण के दौरान स्कूलों में फीस नहीं देने वाले छात्रों को स्कूल से नहीं निकाला जाएगा। ऑनलाइन क्लासेस के दौरान शिक्षा का लाभ लेने के बाद अभिभावक किसी कारणवश फीस देने में असमर्थ हैं तो, ऐसी स्थिति में परिजन विद्यालय प्रबंधक समिति से फीस जमा करने हेतु अतिरिक्त समय मांग सकते हैं।
– कोरोना संक्रमण के दौरान सरकारी, अर्द्धसरकारी कर्मचारियों द्वारा नियमित रुप से वेतन प्राप्त करने वाले अभिभावकों को नियमित तौर पर फीस जमा करने की बात कही।
– यह नियम डे और बोर्डिंग विद्यालयों में समान रुप से लागू किया जाएगा।
