बरेली: अफसरों के दफ्तर-बंगलों में जलभराव, जनता का दर्द कौन सुनें
बरेली, अमृत विचार। मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, नगर आयुक्त सहित तमाम आला अफसरों के दफ्तर और बंगलों के पास ही नाले चोक हैं और बारिश में कार्यालयों में जलभराव हो जाता है। ऐसे में शहर के दूसरे हिस्सों में नालों की सफाई का क्या हाल होगा? इसका अंदाजा खुद ही लगाया जा सकता है। …
बरेली, अमृत विचार। मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, नगर आयुक्त सहित तमाम आला अफसरों के दफ्तर और बंगलों के पास ही नाले चोक हैं और बारिश में कार्यालयों में जलभराव हो जाता है। ऐसे में शहर के दूसरे हिस्सों में नालों की सफाई का क्या हाल होगा? इसका अंदाजा खुद ही लगाया जा सकता है।
लोगों का कहना है कि शहर के दूसरे इलाकों की बात छोड़िए, जब बड़े अधिकारी अपने आसपास के नालों की सफाई और लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई नहीं कर रहे तो शहर में नालों की तलीझाड़ सफाई को लेकर उनकी गंभीरता खुद ब खुद दिखाई दे रही है। जबकि नगर निगम प्रशासन करीब डेढ़ महीने से नालों की तलीझाड़ सफाई के लिए अभियान चला रहा है। अफसरों का दावा है कि नालों की सफाई में कोई लापरवाही नहीं बरती जा रही। जबकि शहर के बड़े हिस्से में हो रहे जलभराव से सफाई अभियान के दावों की हकीकत सामने आ रही है।
सफाई के नाम पर चल रही खानापूर्ति को लेकर बड़े अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे। वे अपने दफ्तर और आवास के पास से गुजरे नालों की सफाई कराना तो दूर निरीक्षण कर कोई निर्देश भी जारी नहीं कर रहे। ऐसे में मामूली बरसात में ही मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जजी परिसर, नगर आयुक्त आवास सहित कई जगहों पर कई फुट तक पानी भर जाता है।
अफसरों के आवास और कार्यालय के पास कई जगहों पर नाले अतिक्रमण व कई अन्य वजहों से या तो चोक हो गए हैं या फिर अतिक्रमण की वजह से उनमें बहाव नहीं हो रहा है। ऐसे नालों के खोलने के लिए बारिश के मौसम से पहले कोई अभियान भी नहीं चलाया जाता है। लोगों का कहना है कि जब बड़े अधिकारी अपने आवास और कार्यालय में ही जलभराव की समस्या को दूर नहीं करा पा रहे हैं तो दूसरी जगह की व्यवस्था कैसे सुधरेगी। जहां आम जनता रहती है, जिसकी सरकारी मशीनरी में निचले स्तर पर भी कोई सुनवाई नहीं होती।

मंडलायुक्त कार्यालय के नाले के ऊपर बनी दीवार, भरता है पानी
बारिश में मंडलायुक्त कार्यालय के बाहर मुख्य द्वार पर काफी पानी भर जाता है। उनके दफ्तर के बाहर निकले छोटे नाले की सफाई भी नहीं होती। मंडलायुक्त कार्यालय के आगे पीडब्ल्यूडी की ओर बने बड़े नाले की सफाई भी ठीक ढंग से न होने से सड़क और कार्यालयों में जलभराव हो जाता है। मंडलायुक्त कार्यालय के बाहर दीवार बन जाने से उसकी आड़ में अतिक्रमण फैलने की संभावना बनी हुई है। सर्किट चौराहे के आगे मंडलायुक्त कार्यालय तक में पानी भर जाता है।
जिलाधिकारी कैंप कार्यालय एवं आवास में भी भरता है पानी, बड़े नाले हैं चोक
बारिश में जिलाधिकारी कैंप कार्यालय एवं आवास के परिसर में जलभराव हो जाता है। ऐसे में उनके कैंप कार्यालय तक पहुंचने में लोगों को परेशानी होती। जिलाधिकारी आवास के पीछे पुरानी जेल के सामने से निकले नाले की सफाई नहीं होती। आवास के सामने भी पानी निकासी के लिए नालियां अक्सर बंद रहती हैं। ऐसे में बारिश का पानी ऊंची सड़क से बहकर डीएम आवास के अंदर जाने वाली रोड पर भर जाता है। आवास के पीछे पोस्टमार्टम हाउस की ओर निकला नाला भी काफी गंदा रहता है।

कलेक्ट्रेट के सामने नाला बंद, परिसर में भरता है कई फुट पानी
कलेक्ट्रेट के सामने से जाने वाला नाला जो आगे स्टेशन की रोड की ओर मुड़ता है, वह भी जगह-जगह से चोक है। कलेक्ट्रेट व इसके परिसर के सामने यह नाला होने के बावजूद इसकी सफाई के नाम पर खानापूर्ति होती है। ऐसे में इस नाले में तेज बारिश के बावजूद बहाव नहीं होता। ऐसे में कलेक्ट्रेट परिसर में डीएम कक्ष के सामने तक कई फुट तक बारिश से जलभराव हो जाता है। फरियादियों को पानी में होकर आना-जाना पड़ता है।
नगर आयुक्त के आवास और सड़क पर भी भरता है पानी
अग्निशमन विभाग के पास नगर आयुक्त का आवास बना हुआ है। इसके सामने भी नाले की तलीझाड़ सफाई नहीं हुई है। कई जगहों पर नाला चोक होने से बरसात में सड़क के साथ नगर आयुक्त आवास के भी पानी घुस जाता है, जो कई घंटे तक भरा रहता है। यह दिक्कत हर साल होती है लेकिन नगर निगम के मुखिया भी इस समस्या का हल नहीं करा पा रहे हैं।

नगर निगम परिसर में भी भर जाता है पानी
पूरे शहर में नालों और सफाई व्यवस्था का जिम्मा लिए नगर निगम प्रशासन खुद अपने कार्यालय में होने वाले जलभराव को नहीं रोक पा रहा है। यहां ऐलन क्लब के सामने वाला नाला भी कई जगह से चोक है। इससे यहां बरसात के पानी का बहाव नहीं हो पाता है। नगर निगम और नगर आयुक्त कार्यालय के सामने जलभराव होने से यहां आने वाले लोगों का कहना है कि नगर निगम के अफसर खुद अपने दफ्तर में जलभराव को नहीं रोक पा रहे हैं।
एसएसपी कार्यालय के सामने निकला नाला कई जगह गायब
एसएसपी दफ्तर में बारिश से काफी पानी भरता है। एसएसपी कार्यालय के पास से निकला नाला भी साफ नहीं है। बताते हैं कि यह नाला कई जगहों से होता हुआ कैंट की ओर जाता है, जबकि नाले के ऊपर स्लैब व कब्जा होने से वहां सफाई ही नहीं हो पाती है। ऐसे में बारिश में पानी का बहाव न होने से एसएसपी कार्यालय के बाहर जलभराव हो जाता है।

जजी परिसर में भी होता है काफी जलभराव
जजी परिसर के पास बने नालों की सफाई भी नहीं हो रही है। कई जगहों पर तो नाले कहां है, यह तक मालूम नहीं हो पा रहा है। ऐसे में बारिश में सड़क के साथ अंदर जजी परिसर में काफी पानी भर जाता है। ऐसे में वकील और मुवक्किलों के साथ दूसरे लोगों को आने-जाने में दिक्कत होती है। कई बार लोग फिसल जाते हैं और कोर्ट के अहम दस्तावेज भी भीग जाते हैं।
मंडलायुक्त, डीएम व नगर आयुक्त से कई बार की है शिकायत
कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष और जन जागृति विकास मंच के अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र पांडे ने अधिकारियों के आवास और कार्यालयों के नजदीक नालों की सफाई न होने का मुद्दा कई बार उठाया। वह कहते हैं कि शहर में नालों की सफाई कराना तो दूर आला अफसरों के खुद उनके आवास और कार्यालयों में जलभराव हो रहा है। वह जहां हर रोज आते-जाते हैं, वहां भी नाले बंद है, गंदगी है। अवैध कब्जों की वजह से उनकी सफाई नहीं हो पा रही है। ऐसे में गंभीर सवाल है कि जब बड़े अधिकारी अपने आसपास नालों की सफाई और जलभराव की दिक्कत दूर नहीं करा पा रहे हैं तो शहर के दूसरे इलाकों में ऐसी दिक्कत का समाधान कैसे हो सकता है।

सफाई को लेकर नगर निगम प्रशासन गंभीर
अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह ने बताया कि नालों की सफाई को लेकर नगर निगम प्रशासन गंभीर है। जब तक नालों की तलीझाड़ सफाई नहीं हो जाती, ठेकेदारों के भुगतान पर रोक लगा दी गई है।- अजीत कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त
