हल्द्वानी: भारतीय सीमा पर तेजी से अतिक्रमण कर रहे नेपाल का मकसद क्या है? नदी में पीलर और दीवार बनाने का नया मामला…

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प्रशांत पांडेय, हल्द्वानी। भारत-नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर धारचूला क्षेत्र से बहने वाली काली नदी पर कई जगह अतिक्रमण होना सामने आया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार काली नदी में छोर पर पक्का तटबंध और मार्ग बनाने से धारचूला क्षेत्र में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। आयुक्त कुमाऊं मंडल ने सुरक्षा के तौर पर …

प्रशांत पांडेय, हल्द्वानी। भारत-नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर धारचूला क्षेत्र से बहने वाली काली नदी पर कई जगह अतिक्रमण होना सामने आया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार काली नदी में छोर पर पक्का तटबंध और मार्ग बनाने से धारचूला क्षेत्र में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। आयुक्त कुमाऊं मंडल ने सुरक्षा के तौर पर काली नदी पर भारतीय सीमा में तटबंध निर्माण आदि कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बसे धारचूला नगर के खतरे में होने की रिपोर्ट बीते सप्ताह सामने आई थी। नेपाल द्वारा धारचूला की काली नदी के एक छोर पर पक्के तटबंध के साथ सड़क बनाने और मलबे के कारण नदी का रुख मुड़ने से मानसून सीजन में धारचूला नगर को खतरा पैदा हो गया। जबकि भारतीय सीमा में तटबंध निर्माण में अनियमितताओं के आरोप लगे थे। इस संबंध में कुमाऊं मंडल के कमिश्नर अरविंद सिंह ह्यांकी ने इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की थी। समिति ने 21 जून को धारचूला में काली नदी पहुंचकर जांच की। सूत्रों के अनुसार सामने आया कि नेपाल की तरफ से करीब चार साल से काली नदी के छोर पर चैक डैम, दीवार और पक्की सड़क का निर्माण किया जा रहा है। इसके चलते काली नदी अधिकांश जगहों से संकरी हो गई है।

संकरा होने से कटने लगा पहाड़
अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अतिक्रमण किए जाने से काली नदी का बहाव भी काफी तेज हो गया है। जिस कारण दबाव ज्यादा होने के कारण सीमांर्तगत पहाड़ का कटान भी शुरु हो गया है। साथ ही धारचूला क्षेत्र में भी नदी से सटे कई क्षेत्रों में भू कटाव हो रहा है। सूत्रों के अनुसार नेपाल द्वारा लंबे समय से किए जा रहे इस निर्माण के संबंध में कई बार स्थानीय उच्च अधिकारियों को भी सूचित किया गया लेकिन निर्माण कार्य पर रोक नही लग सकी। कटान से मानसून सीजन में तबाही का अंदेशा है। काली नदी में ही घटखोला नदी का भी पानी आकर मिलता है। ऐसे में भारी नुकसान होने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। समिति द्वारा कमिश्नर को जल्द ही जांच रिपोर्ट सौंपी जाएगी।

“इस मामले में कमिश्नर कुमाऊं अरविंद सिंह ह्यांकी का कहना है कि भारतीय सीमा क्षेत्र में चेकडैम, स्पर, दीवार आदि अनेक निर्माण कार्य कराए गए हैं। लेकिन वर्तमान स्थितियों को देखते हुए इसे और ज्यादा मजबूत करने की आवश्यकता है ताकि मानसून में नदी में बढ़ते पानी के दबाव का सामना किया जा सके। सिंचाई विभाग द्वारा मजबूत सूरक्षा कार्य कराने के लिए कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। शासन से स्वीकृति मिलते ही प्रथम चरण में विभाग द्वारा काम शुरू कराया जाएगा”।

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