नैनीताल: हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछे तीखे सवाल, कहा- जब अमरनाथ यात्रा रद हुई तो चारधाम यात्रा पर क्यों हैं उतावले

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नैनीताल, अमृत विचार। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने बुधवार को जनहित याचिकाओं की संयुक्त रूप से सुनवाई की। कोर्ट ने जहां चिंता व्यक्त करते हुए सरकार के कार्यों पर असंतोष जताया वहीं, चारधाम यात्रा और कैची मंदिर को खोले जाने को लेकर सरकार से बहुत तीखे सवाल किए। खंडपीठ में अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली, सचिदानंद डबराल, अनू पंत, …

नैनीताल, अमृत विचार। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने बुधवार को जनहित याचिकाओं की संयुक्त रूप से सुनवाई की। कोर्ट ने जहां चिंता व्यक्त करते हुए सरकार के कार्यों पर असंतोष जताया वहीं, चारधाम यात्रा और कैची मंदिर को खोले जाने को लेकर सरकार से बहुत तीखे सवाल किए।

खंडपीठ में अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली, सचिदानंद डबराल, अनू पंत, रवीन्‍द्र जुगरान, डीके जोशी व अन्य की जनहित याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए कोर्ट ने स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी से पूछा कि जब केंद्र सरकार ने कोरोना संक्रमण को देखते हुए अमरनाथ यात्रा को रद्द किया हुआ है तो आप चारधाम यात्रा को शुरू करने को लेकर इतने उतावले क्यों हैं।

आपके द्वारा जारी आदेशो का आप खुद पालन नहीं करवा पा रहे हैं। गंगा दशहरा पर आपने हरिद्वार में रोक लगाई थी, फिर भी वहां पर हजारों की भीड़ जमा थी जो ना तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे थे और ना ही लोगों ने मास्क पहने हुए थे। ये सब हमें समाचार पत्रों से ज्ञात हुआ है। आप सिर्फ आदेश जारी कर रहें हैं, आदेशों का पालन नहीं करवा पा रहे हैं। ऐसा ही कुछ केदारनाथ में भी हो रहा है। तीसरी लहर को लेकर भी आपकी तैयारी पूरी नहीं है आपके पास मेडिकल सुविधाएं भी पूर्णतया नहीं है। आपकी तैयारी कुछ भी नहीं जबकि तीसरी लहर आने में कुछ हफ्ते ही बाकी हैं।

आपके पास ब्लैक फंगस से निपटने के लिए भी पूरे वायल नहीं और न ही जनसंख्या के अनुपात में वेंटिलेटर ही है। जो हैं वे भी अधिकतर खराब है। कोर्ट ने कहा कि डेल्टा वेरिएंट एक महीने में पूरे देश में फैल गया था और डेल्टा प्लस वेरिएंट को फैलने में तीन महीने भी नहीं लगेंगे। ऐसे में हमारे बच्चों को बचाने के लिए आप लोग क्या कर रहे हैं। आप सोच रहे हैं कि डेल्टा प्लस वेरियंट आपकी तैयारियां पूरी होने का इंतजार करेगा।

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आरएस चौहान व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने स्वास्थ्य सचिव को तीसरी लहर को लेकर बच्चों के लिए तीन महीने तक विटामिन सी और जिंक आदि की दवाएं देने की दलील पर तीखी फटकार लगाई। चीफ जस्टिस ने कहा कि आप बच्‍चों को ये दवा कब खरीद कर देंगे? जब तीसरी लहर आ जाएगी, तब दवाएं खरीदने की प्रकिया पूरी करेंगे। जिस जीओ को अगले हफ्ते या 30 जून तक जारी करने की बात कह रहे हैं वो जीओ कल क्यों नहीं जारी हो सकता। आज शाम पांच बजे तक जारी क्यों नहीं हो सकता? हाईकोर्ट ने कहा कि जब महामारी में वॉर फूटिंग पर काम करने की ज़रूरत है, तब आप लोग ब्यूरोक्रेटिक बाधा पैदा कर काम को बोझिल बनाकर देरी कर रहे हैं।

हाईकोर्ट ने कहा कि देहरादून में तीसरी लहर से लड़ने को बच्चों के लिए आपके पास 10 वेंटिलेटर हैं, बताइए 80 बच्चे क्रिटिकल हो गए तो 70 बच्चों को मरने के लिए छोड़ देंगे? कोर्ट ने कहा कि एफिडेविट में आपने माना है कि रुद्रप्रयाग में 11 वेंटिलेटर हैं जिसमें नौ खराब हैं। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कोर्ट ने सिर्फ जिला अस्पतालों की डिटेल मांगी थी, हमारे पास मेडिकल कॉलेजों व निजी अस्पतालों में वेंटिलेटर-आईसीयू के और इंतजाम हैं। कोर्ट ने कहा आपको जानकारी देने से किसने रोका है।

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