बरेली: हवाई सेवा का कमाल, अब बरेली बनेगी खाद्य प्रसंस्करण का हब
बरेली, अमृत विचार। बरेली शहर अब दिल्ली के बाद बंगलुरू और मुंबई से भी हवाई सेवा से जुड़ने जा रहा है। इससे औद्योगिक क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा और उद्यमियों के लिए कच्चा माल मंगाने और अपने उत्पादों को बाहर भेजने में भी मदद मिलेगी। सबसे ज्यादा फायदा खाद्य प्रसंस्करण की इकाईयों को मिलेगा। बरेली मंडल …
बरेली, अमृत विचार। बरेली शहर अब दिल्ली के बाद बंगलुरू और मुंबई से भी हवाई सेवा से जुड़ने जा रहा है। इससे औद्योगिक क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा और उद्यमियों के लिए कच्चा माल मंगाने और अपने उत्पादों को बाहर भेजने में भी मदद मिलेगी। सबसे ज्यादा फायदा खाद्य प्रसंस्करण की इकाईयों को मिलेगा।
बरेली मंडल में खाद्य इकाईयों के लिए कच्चा माल मिलने में भी दिक्कत नहीं है। इसलिए यहां खाद्य प्रसंस्करण की इकाईयां तेजी से बढ़ रही हैं। कोविड काल में आर्थिक मंदी झेलने के बाद जिस तरह से उद्यमी खाद्य प्रसंस्करण की इकाईयां लगाने में रूचि ले रहे हैं। उससे यही लग रहा है कि बरेली जल्द खाद्य प्रसंस्करण का हब भी बनने वाला है। इससे हजारों लोगों के लिए रोजगार के द्वार भी खुलेंगे।
खाद्य प्रसंस्करण की छह से अधिक फैक्ट्रियां परसाखेड़ा में पहले से संचालित हैं। नववर्ष 2021 के मौके पर जिलाधिकारी नितीश कुमार द्वारा शुरू किए ‘सौ दिन सौ उद्योग’ मिशन के तहत भी 98 इकाईयां संचालित की जा रही हैं। इसमें 60 से अधिक इकाईयां खाद्य प्रसंस्करण की ही हैं। इसके साथ ही बहेड़ी में मेगा फूड पार्क तैयार हो रहा है। यहां 250 एकड़ में फैले पार्क में सिर्फ खाद्य इकाईयां ही लगेंगी। छोटे बड़े मिलाकर 100 से अधिक भूखंड हैं। इनमें इकाईयां स्थापित होंगी।
फूड पार्क में कंपनियों को बुलाने के लिये पार्क का साइट प्लान पहले ही तैयार कर लिया गया है। 600 वर्ग मीटर से लेकर 30 हजार वर्ग मीटर तक के भूखंड पार्क में उपलब्ध हैं। राज्य औद्योगिक विकास निगम (यूपीसीडा) ने 2450 रुपये प्रति वर्ग मीटर भूमि का रेट भी कोरोना की दूसरी लहर शुरू होने से पहले ही निर्धारित कर लिया था लेकिन भूखंडों के लिए आवेदन शुरू नहीं हुए थे। बहेड़ी से उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर के पंतनगर सिडकुल, सितारगंज सिडकुल नजदीक है। इसलिए वहां की कई फूड प्रोसेसिंग यूनिट के प्रबंधनों ने यूपीसीडा के अधिकारियों से संपर्क करना शुरू कर दिया है।
सौ दिन सौ उद्योग मिशन में उद्यमियों के लिए 15 दिन और मिले
बरेली। जिलाधिकारी नितीश कुमार ने बताया कि सौ दिन सौ उद्योग मिशन के तहत करीब 118 आवेदन आए हैं। इसमें पांच लाख रुपए तक निवेश करने वाले उद्यमियों को मिशन में शामिल नहीं किया है लेकिन छोटी इकाईयों का संचालन शुरू हो गया। 31 मार्च तक मिशन चलना था लेकिन होली के बाद कोरोना की दूसरी लहर आने की वजह से मिशन पूरा नहीं हो सका। इसलिए मिशन में उद्यमियों के लिए 15 दिन और देने का निर्णय लिया है। 15 जुलाई से 31 जुलाई तक मिशन की बैठकें कराकर जो भी कार्य रह गए हैं उन्हें पूरा करेंगे। डीएम ने बताया कि 15 बड़ी इकाईयां लगाने के लिए उद्यमियों ने हामी भरी है। इसमें फूड प्रसंस्करण की इकाईयां ज्यादा हैं।
मिशन के तहत करीब पौने दो सौ करोड़ का हुआ निवेश
बरेली। संयुक्त आयुक्त उद्योग ऋ षि रंजन गोयल ने बताया कि सौ दिन सौ उद्योग मिशन के तहत 98 उद्यमियों ने करीब पौने दो सौ करोड़ रुपए का निवेश किया है। इनमें 70 से अधिक इकाईयों का संचालन शुरू हो गया है। अन्य इकाईयां कोविड काल में फंस गयी थीं। इन्हें भी शुरू कराने की तैयारी है। जुलाई में मिशन पूरा हो जाएगा। कोरोना की पहली लहर के बाद बरेली जनपद के उद्यमियों के इकाईयां लगाने के लिए आगे आना भी लोगों के लिए फायदेमंद साबित हुआ है। करीब पांच हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है।
