हल्द्वानी: भारत वाटिका में संजोए गए 28 राज्य व पांच केंद्र शासित प्रदेशों के राज्य वृक्ष
हल्द्वानी, अमृत विचार। उत्तराखंड वन अनुसंधान केंद्र में देश के सभी 33 राज्यों के राज्य वृक्ष भारत वाटिका में संरक्षित किए गए हैं। जिसमें देश के 28 राज्य व पांच केंद्र शासित प्रदेशों के राज्य वृक्ष शामिल किए गए हैं। राज्य वृक्षों के आगे उनके वैज्ञानिक नाम व राज्यों के नाम की पट्टिका भी लगाई …
हल्द्वानी, अमृत विचार। उत्तराखंड वन अनुसंधान केंद्र में देश के सभी 33 राज्यों के राज्य वृक्ष भारत वाटिका में संरक्षित किए गए हैं। जिसमें देश के 28 राज्य व पांच केंद्र शासित प्रदेशों के राज्य वृक्ष शामिल किए गए हैं। राज्य वृक्षों के आगे उनके वैज्ञानिक नाम व राज्यों के नाम की पट्टिका भी लगाई गई है। मगर लद्दाख द्वारा अपना राज्य वृक्ष घोषित न किए जाने के चलते अभी इस सूची में शामिल होने से वंचित रह गया।
शनिवार को वन अनुसंधान केंद्र में भारत वाटिका का उद्घाटन मुख्य वन संरक्षक संजीव चतुर्वेदी, राष्ट्रीय सेवा योजना समन्वयक ललित मोहन पांडे, शिक्षिका बीना फुलारा ने फीता काटकर किया और मिष्टान वितरण के साथ सभी राज्य वृक्षों व उनके महत्व के बारे में जानकारी दी गई।
मुख्य वन संरक्षक संजीव चतुर्वेदी ने बताया कि देश के छह राज्य ऐसे हैं, जिनमें राज्य वृक्ष भी सामान हैं। ऐसे में 33 राज्यों के अनुपात में 27 वृक्षों को रोपा गया है।
अनुसंधान केंद्र के वन क्षेत्राधिकारी मदन सिंह बिष्ट ने बताया कि भारत वाटिका के लिए देश के सभी राज्यों के वृक्ष शामिल किए गए हैं। ऐसे में जो वृक्ष मौजूद नहीं थे उन्हें बाहर के प्रदेशों व नर्सरी से मंगाया गया है। पौधे अलग-अलग जलवायु से संबंध रखते हैं ऐसे में वह सही से पनप सकें इसके लिए उन्हेंअलग से ट्रीटमेंट दिया जा रहा है ताकि वह यहां की जलवायु के साथ अनुकूल रहें। बता दें कि अब तक अनुसंधान केंद्र के प्रयासों द्वारा तमाम वाटिका तैयार की जा चुकी हैं जिनमें पुलवामा शहीद , गलवान, रामायण, सर्व धर्म , देवी , त्रिफला , दशमूल , राशि , नवग्रह , नक्षत्र , हर्बल , कैक्टस , और जुरासिक पार्क जैसी अन्य वाटिकाएं शामिल हैं और अब इसी क्रम में भारत वाटिका ने भी अपनी जगह बना ली है।
