लखीमपुर खीरी: नदियों का जलस्तर घटा, नहीं घटी पीड़ितों की परेशानी
अमृत विचार, धौरहरा। शारदा नदी का जलस्तर कम हुआ है पर बाढ़ पीड़ितों की मुश्किलें अभी कम नहीं हुई है। धौरहरा तहसील क्षेत्र में उफनाई शारदा नदी का पानी करीब एक दर्जन गांवों में भर गया था। घरों में पानी भरने के साथ ही किसानों की सैकड़ों एकड़ गन्ना, केला, मेथा आदि की फसलें भी …
अमृत विचार, धौरहरा। शारदा नदी का जलस्तर कम हुआ है पर बाढ़ पीड़ितों की मुश्किलें अभी कम नहीं हुई है। धौरहरा तहसील क्षेत्र में उफनाई शारदा नदी का पानी करीब एक दर्जन गांवों में भर गया था। घरों में पानी भरने के साथ ही किसानों की सैकड़ों एकड़ गन्ना, केला, मेथा आदि की फसलें भी जलमग्न हो गई थीं। नदी का जलस्तर कम होने के बाद सड़कों पर बह रहा पानी तो कम हो गया है पर खेतों और घरों में अभी तक जलभराव बना हुआ है। तहसील प्रशासन पीड़ितों तक राहत सामग्री पहुंचाने का प्रयास कर रहा है।
तहसील क्षेत्र के रैनी, समदहा, सरगड़ा, पसियनपुरवा, डेबर, मन्दूरा आदि गांवों में शारदा नदी के बाढ़ का पानी भर गया था। सैकड़ों घरों के साथ ही किसानों की हजारों एकड़ फसलें भी जलमग्न हो गई थी। समदहा के करीब 150 परिवार नदी के दूसरे तरफ फंस गए थे। जिनमें से प्रशाशन ने करीब 120 लोगों को लाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया था।
धीरे धीरे नदी का जलस्तर कम होने से सड़कों पर बह रहा पानी तो कम हो गया है लेकिन घरों और खेतों में अभी भी बाढ़ का पानी भरा हुआ है। प्रशासन ने पीड़ितों को दाल, चावल, आटा, सब्जी और तेल मसाला तो पहुंचा दिया। जबकि रैनी गांव तक अभी राहत किट नहीं पहुंचा सका है। अधिकतर बाढ़ पीड़ितों के पास ईंधन न होने से उनकी परेशानी जस की तस बनी हुई है।
तहसील प्रशाशन ने रामनगर बगहा में घाघरा नदी की कटान से पीड़ित पचास परिवारों को तिरपाल और पिपिया का वितरण किया । शनिवार को तहसीलदार अनिल कुमार यादव ने लेखपाल को भेजकर गांव में पीड़ितों को तिरपाल दिया।
नदी का जलस्तर कम हुआ है। सभी को बाढ़ राहत किट दी जा रही है। राहत सामग्री कम होने के चलते रैनी के पीड़ित परिवारों को अभी नहीं दी जा सकी है। राहत सामग्री आने पर उन्हें भी दी जाएगी। -अनिल कुमार यादव, तहसीलदार धौरहरा
