हल्द्वानी: नर्सिंग परीक्षा रद्द करने की मांग

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

हल्द्वानी, अमृत विचार। नर्सिंग भर्ती परीक्षा में धांधली का अरोप लगाते हुए संविदा व बेरोजगार स्टॉफ नर्सेज महासंघ ने सोमवार को एसटीएच में प्रदर्शन किया। उन्होंने परीक्षा को रद किए जाने की मांग की और जमकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि एक ऑडियो सोशल मीडिया पर चल रहा है जो नर्सिंग …

हल्द्वानी, अमृत विचार। नर्सिंग भर्ती परीक्षा में धांधली का अरोप लगाते हुए संविदा व बेरोजगार स्टॉफ नर्सेज महासंघ ने सोमवार को एसटीएच में प्रदर्शन किया। उन्होंने परीक्षा को रद किए जाने की मांग की और जमकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि एक ऑडियो सोशल मीडिया पर चल रहा है जो नर्सिंग परीक्षा रद करवाकर चयन वर्षवार किए जाने के संबंध में है। इस ऑडियो में संगठन के पदाधिकारियों का नाम लिया जा रहा है जो पूरी तरह से झूठ है। हम सरकार से ऑडियो की जांच कराने की मांग करते हैं। साथ ही यह सरकार और संगठन को बदनाम करने की कोशिश है। कहा कि नर्सिंग परीक्षा के लिए 12 दिसंबर 2020 को 1238 पदों भर्ती निकाली गई थी। जो पहले से कार्यरत व अनुभवी अभयर्थियों के लिए थी।

इसमें फार्म 16 व एक साल का प्रावधान था। जिसे नए साथियों से सरकार पर दबाव डालकर दो फरवरी को परीक्षा स्थगित करवा दी गई। बाद में संसोधन करवाकर पदों की संख्या 2621 कर दी गई। 1238 पद चिकित्सा शिक्षा के पद सम्मलित थे। जिन बच्चों की आयु सीमा 21 साल नहीं हो रही थी। वो लोग कोर्ट से स्टे लाकर परीक्षा संसोधन कराने में सफल हुए। कहा कि हमारा संगठन लगातार सरकार से मिलता है और अपनी पीड़ा रखता है। उक्त प्रकरण संगठन को बदनाम करने की साजिश है। इस दौरान हरिकृष्ण बिजल्वाण, नीतू लखेड़ा, अल्का नेगी, अनीता जोशी, ज्योति भट्ट, विनीत रावत आदि थे।

ये स्वास्थ्यकर्मी भी हैं आक्रोश में

एनएचएम कर्मचारी-एनएचएम कर्मचारी पिछले दिनों मानदेय बढ़ोत्तरी की मांग को लेकर लंबे समय तक आंदोलन कर चुके हैं। फिलहाल उन्हें आश्वासन दिया गया है कि जल्द उनकी मांग पूरी कर दी जाएगी। यह कर्मचारी कोरोना जांच के लिए सैंपल लेने से, कोविड केयर सेंटर और स्वास्थ्य विभाग के अन्य विभागों में अपनी सेवाएं देते हैं। संगठन के जिलाध्यक्ष डा. कृष्ण मुरारी गुप्ता ने बताया कि संगठन ने कोरोनाकाल देखते हुए अपना आंदोलन वापस लिए गया है। इसके अलावा पत्राचार के माध्यम से लगातार सरकार के समक्ष अपनी बात रखी जा रही है।

उपनल कर्मचारी-विभागीय समायोजन की मांग को लेकर मेडिकल कॉलेज में तैनात उपनल कर्मचारी भी कई बार आंदोलन कर चुके हैं। मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाओं की अहम कड़ी उपनल कर्मी हैं। संगठन के नेता नीरज हैड़िया ने कहा कि हमारी मांग जारी है। और अपने हकों के लिए हम लड़ते रहेंगे।

जूनियर डॉक्टर-मेडिकल कॉलेज में तैनात 99 जूनियर डॉक्टर स्टाइपैंड बढ़ाए जाने की मांग को लेकर पिछले दिनों आक्रोश जता चुके हैं। कोरोनाकाल में इन डॉक्टर की काफी अहमियत है। जूनियर डाक्टर मनीष शेखावत का कहना है कि सरकार ने एक माह का समय लिया है। अगर हमारी मांग पूरी नहीं हुई तो फिर से आंदोलन किया जाएगा।

संबंधित समाचार