लखनऊ: बिजली कटौती से तीन लाख उपभोक्ता भीषण गर्मी की चपेट में, व्यापारियों में रोष
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में लगातार बिजली संकट बढ़ता जा रहा है। मंगलवार रात से बुधवार दिन तक कई इलाकों में लोग बिजली कटौती से परेशान रहे। उपकेंद्रों पर फोन करने वालों की संख्या कई गुणा बढ़ गई है। गुरुवार को आलमबाग के नटखेरा रोड स्थित व्यापारियों ने प्रदर्शन कर बिजली विभाग के खिलाफ अपना रोष …
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में लगातार बिजली संकट बढ़ता जा रहा है। मंगलवार रात से बुधवार दिन तक कई इलाकों में लोग बिजली कटौती से परेशान रहे। उपकेंद्रों पर फोन करने वालों की संख्या कई गुणा बढ़ गई है। गुरुवार को आलमबाग के नटखेरा रोड स्थित व्यापारियों ने प्रदर्शन कर बिजली विभाग के खिलाफ अपना रोष जताया है। बता दें कि बढ़ी गर्मी ने शहर की सप्लाईग व्यवस्था को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है। लाइनें से लेकर ट्रांसफार्मर, फीडर सभी ओवरलोड चल रहे हैं। इससे विभागीय इंजीनियर भी चाहकर कुछ नहीं कर पा रहे हैं।
लखनऊ शहर में मौजूदा समय करीब 12 लाख उपभोक्ता हैं। उसमें करीब एक लाख उपभोक्ता स्थानीय स्तर पर फॉल्ट या अघोषित कटौती के कारण बिजली समस्या से जू़झ रहे हैं। आलमबाग, रहीमनगर, कल्याणपुर, ईको गॉर्डन, पुराना जेल रोड, राजीव नगर इंदिरा नगर, ठाकुरगंज समेत कई जगहों पर पूरी रात बिजली की आवाजाही लगी रही। इसकी वजह से कई उपकेंद्रों पर रात में फोन बंद करने का खेल भी शुरू हो गया है। या फिर उसको लगातार बिजी कर दिया जाता है। इससे नाराज लोगों ने उपकेंद्र पहुंच कर हंगामा भी किया। लेसा कर्मचारियों ने स्थानीय स्तर पर फॉल्ट बताकर नाराज उपभोक्ताओं को समझाया।
जूनियर इंजीनियर संगठन कर चुका शिकायत
जूनियर इंजीनियर संगठन के अध्यक्ष जेबी पटेल बताते है कि इस बार उपकेंद्रों की मरम्मत ठीक से नहीं हुई है। वह लोग इसकी कई बार शिकायत कर चुके है। लेकिन कही कोई कार्रवाई नहीं हुई। स्थिति यह है कि बिजली कटने पर उपभोक्ताओं की नाराजगी सबसे पहले जेई को झेलनी होती है। इसमें कई जगह जेई पर हमले भी हो रहे है। इसकी शिकायत भी की गई है।
तीन साल से लो वोल्टेज, लेकिन सुनवाई नहीं
चिनहट डिवीजन के सेमरा इलाके में पूर्वांचल एन्क्लेव में करीब दो आंवटी रहते है। इनके यहां तीन साल से लो वोल्टेज की समस्या है। इसको लेकर एसडीओ और एक्सईएन दोनों से शिकायत दर्ज करा चुके है। बावजूद उसके अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। स्थिति यह है कि यहां रहने वाले लोगों के यहां एसी और कूलर चलना बंद हो गया है।
उमस बढ़ा तो याद आया मरम्मत
इंदिरा नगर के सेक्टर 14 इलाके में मरम्मत के नाम पर बुधवार को सुबह 11 से दोपहर 12 बजे तक बिजली कटी रही। यहां मरम्मत काम बताया गया। शासन का निर्देश है कि मरम्मत संबंधित काम अप्रैल महीने तक होने चाहिए लेकिन उसके बाद भी इस मौसम में मरम्मत काम कराया जा रहा है। इंदिरा नगर में करीब 40 हजार से ज्यादा की आबादी को बिजली संकट का सामना करना पड़ा। इस दौरान सेक्टर 10, 11, 13, 14, 16, 17 के अलावा हरिहर नगर, इंसाफ नगर, दीनदयाल पुरम, तकरोही व उसके आस-पास के इलाकों में बिजली कटी रही।
4 बड़े इलाकों में कब-कब कटी बिजली
- आलमबाग चंदन नगर में रात 11 से सुबह पांच बजे तक हर आधे घंटे में बिजली कटी। उपकेंद्र पर पूरी रात फॉल्ट बताया गया।
- इंदिरा नगर लोहिया विहार और सेक्टर नौ में केबिल फॉल्ट होने की वजह से रात 11 से एक बजे तक पावर कट।
- फैजुल्लागंज में ट्रांसफॉर्मर खराब होने और केबिन फॉल्ट के कारण रात 11 से सुबह 5 बजे तक छह बार बिजली कटी।
- शांति नगर बड़ा बरहा में पूरी रात में दस से ज्यादा बार बिजली कटी। सूत्रों के मुताबिक यहां हर आधे घंटे पर एक फीडर बंद कर दिया जा रहा था।
- गेहरू में 10 एमवीए का पावर ट्रॉसफॉर्मर ओवर लोड।
- गेहरू सब स्टेशन पर 10 एमवीए का पावर ट्रॉसफॉर्मर ही ओवरलोड हो चुका है। यहां एक और ट्रॉसफॉर्मर की जरूरत है। जीबी पटेल बताते है कि इसकी जानकारी शासन के आला अधिकारियों को है। लेकिन उसके बाद भी लोग काम नहीं करा रहे हैं। ऐसे में करीब 7 हजार उपभोक्ताओं को फॉल्ट और कटौती झेलनी पड़ती है।
क्या कहते जिम्मेदार?
इस बारे में लेसा सिस गोमती के चीफ इंजीनियर मधुकर वर्मा का कहना है कि उनके पास केवल चौक में बिजली जाने की सूचना है। यहां तक की वह जेई संगठन के दावों को भी गलत बता रहे है। उनका कहना है कि इसको लेकर कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ जगह पर उपभोक्ता ज्यादा हंगामा करने लगते हैं।
