व्हीलचेयर से उठकर मैदान में पहुंची भाजपा सांसद, उठाई बास्केटबॉल और…

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भोपाल। अमूमन व्हीलचेयर पर दिखने वाली भोपाल की भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर का बृहस्पतिवार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें वह बास्केटबॉल के कोर्ट में बॉल को जमीन पर पटकते हुए तेजी से आगे बढ़कर बास्केट में डालती नजर आ रही हैं। इस पर विपक्षी कांग्रेस ने तंज कसा है। …

भोपाल। अमूमन व्हीलचेयर पर दिखने वाली भोपाल की भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर का बृहस्पतिवार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें वह बास्केटबॉल के कोर्ट में बॉल को जमीन पर पटकते हुए तेजी से आगे बढ़कर बास्केट में डालती नजर आ रही हैं। इस पर विपक्षी कांग्रेस ने तंज कसा है।

भाजपा सांसद प्रज्ञा बृहस्पतिवार को शहर स्थित शक्ति नगर के बास्केटबॉल मैदान पर पौधरोपण कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची थीं। मैदान पर खिलाड़ियों को अभ्यास करता देख वह उनके बीच पहुंच गईं और बास्केटबॉल उठा कर 15-20 बार जमीन पर पटकते हुए करीब 20 कदम तेजी से चलीं और उन्होंने बॉल को वहां लगे बास्केट (नेट) में डाल दिया। इस पर वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाते हुए खुशी जाहिर की। यह सब वायरल हुए वीडियो में नजर आ रहा है।

इस पर मध्य प्रदेश कांग्रेस के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने एक विज्ञप्ति जारी कर तंज कसते हुए कहा, ”भोपाल की भाजपा सांसद साध्वी ठाकुर को अभी तक व्हीलचेयर पर ही देखा था, लेकिन आज उन्हें भोपाल में स्टेडियम में बास्केटबॉल पर हाथ आज़माते देखा तो बड़ी ख़ुशी हुई।” उन्होंने कहा, ”अभी तक यही पता था कि किसी चोट के कारण वह ठीक से खड़ी और चल-फिर भी नहीं सकती हैं।” सलूजा ने कहा ईश्वर उन्हें हमेशा स्वस्थ रखें। कांग्रेस नेता ने प्रज्ञा के बास्केटबॉल खेलने के इस वीडियो को सोशल मीडिया पर भी साझा किया है।

इस बारे में प्रतिक्रिया जानने के लिए सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। जब उनकी छोटी बहन उपमा से इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने हंसते हुए कहा कि ”यह तो छोटी सी चीज है”।

उपमा ने कहा, ”आप में से कई लोग नहीं जानते होंगे कि उन्होंने (प्रज्ञा ने) शारीरिक शिक्षा में सर्टिफिकेट कोर्स (सीपीएड) और शारीरिक शिक्षा में स्नातक (बीपीएड) किया है। जेल में रहने से पहले वह (प्रज्ञा) फिट एवं तंदुरूस्त थी। उन्हें जेल में प्रताड़ित किया गया।” गौरतलब है कि प्रज्ञा 2008 में हुए मालेगांव बम विस्फोट के मामले में करीब नौ साल तक जेल में रहीं।

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