सावधानी ही बचाएगी
इजराइल, अमेरिका जैसे देशों में भी कोरोना काबू नहीं आ रहा है। वहीं भारत में स्थिति काफी हद तक काबू में है। देश में संक्रमित मामलों में मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 97 प्रतिशत के पार चली गई है। कोरोना के केस भले ही कम हो रहे हैं, लेकिन तीसरी लहर का खतरा …
इजराइल, अमेरिका जैसे देशों में भी कोरोना काबू नहीं आ रहा है। वहीं भारत में स्थिति काफी हद तक काबू में है। देश में संक्रमित मामलों में मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 97 प्रतिशत के पार चली गई है। कोरोना के केस भले ही कम हो रहे हैं, लेकिन तीसरी लहर का खतरा लगातार मंडरा रहा है।
इससे बचाव के लिए प्रत्येक नागरिक को वैक्सीन लगवाने और कोरोना गाइडलाइन का पालन करना होगा। देश में 21 जून से औसतन 50 लाख लोगों को टीके की रोज खुराक दी जा रही है। 32 करोड़ लोगों को वैक्सीन लग चुकी है, जबकि 70 करोड को वैक्सीन लगना जरूरी है। विपक्षी दलों का आरोप है कि जून महीने में टीकाकरण उत्सव मनाने वाली सरकार जुलाई शुरू होने के बावजूद अभी वैक्सीन उपलब्ध नहीं करा पा रही है।
जबकि सरकार का कहना है कि देश में वैक्सीन की कोई कमी नहीं है। विपक्षी कोरोना संक्रमण और टीकाकरण से संबंधित आंकड़ों को लेकर सनसनी फैलाकर सुर्खियां बटोरना चाहते हैं। केंद्र सरकार ‘समग्र सरकार’ और ‘समग्र समाज’ के दृष्टिकोण के साथ वैश्विक महामारी कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई का नेतृत्व कर रही है।
केंद्र सरकार प्रतिबद्ध है कि दिसंबर 2021 तक हर नागरिक तक टीका पहुंचे और उस समय तक देश में 216 करोड़ टीकों का उत्पादन होगा। साथ ही केंद्र ने केरल, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मणिपुर में कोविड-19 मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए कोरोना के नियंत्रण और रोकथाम से जुड़े उपायों के लिए छह टीमें गठित की हैं।
हमारी सावधानी ही हमें कोरोना की तीसरी लहर से बचाएगी। राज्य सरकारों को वैक्सीनेशन महाभियान के दौरान लोगों की बढ़ती भीड़ को लेकर टीकाकरण केन्द्रों की संख्या और टीका लगाने के दिनों में बढ़ोतरी करने की आवश्यकता है। क्योंकि टीकाकरण केंद्रों पर लोगों का बड़ी संख्या में एक जगह होना, जोखिम मोल लेना है। उत्तर प्रदेश सरकार गांवों, छोटे कस्बों और महानगरीय क्षेत्रों ‘हेल्थ एटीएम’ की स्थापना करने पर विचार कर रही है।
राज्य सरकार की यह योजना स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती देने के लिए एक अच्छी पहल कही जा सकती है। हैल्थ एटीएम में अत्याधुनिक मशीनों के माध्यम से लोग बॉडी मास इंडेक्स, ब्लड प्रेशर, मेटाबॉलिक ऐज, बॉडी फैट, हाईड्रेशन, पल्स रेट, हाइट, मसल मास, शरीर का तापमान, शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा, वजन सहित कई पैरामीटर की जांच करा सकेंगे। इस तरह की पहल अन्य प्रदेश सरकारों को भी करनी चाहिए ताकि लोगों बेहतर स्वास्थ्य जांच सुविधाएं मिल सकें।
