गरमपानी: जंगली खरगोश कर रहे उपज को नुकसान, किसान परेशान

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

गरमपानी, अमृत विचार। चौतरफा संकट से घिरे किसानों पर जंगली जानवरों की मार भी भारी पड़ने लगी है। जंगली सूअर के बाद अब जंगली खरगोश किसानों की उपज को चौपट कर दे रहे हैं। जिससे किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है।  कोरोना संकट के बाद से किसानों को लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा …

गरमपानी, अमृत विचार। चौतरफा संकट से घिरे किसानों पर जंगली जानवरों की मार भी भारी पड़ने लगी है। जंगली सूअर के बाद अब जंगली खरगोश किसानों की उपज को चौपट कर दे रहे हैं। जिससे किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
 कोरोना संकट के बाद से किसानों को लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा है।
पहले उपज बड़ी मंडियों तक नहीं पहुंच पाने से किसानों को काफी नुकसान हुआ। उपज खेतों में ही सड़ गई। अब बमुश्किल किसानों ने खेतों की ओर रुख किया तो ठीक समय पर इंद्रदेव धोखा दे गए। बारिश ना होने पर तमाम गांवो में मटर  की बुवाई ही नहीं हो सकी। कई सिंचाई वाले क्षेत्रों में बमुश्किल हाड़तोड़ मेहनत के बाद उपज हुई भी तो अब जंगली खरगोश उपज को बर्बाद कर दे रहे हैं।
किसानों की माने तो खरगोश खेतो में गड्ढे कर रहे हैं वही उपज को ऊपरी हिस्से से चट कर जा रहे हैं जिससे उपज खराब हो जा रही है। ग्रामीणों को किसानों को चौतरफा नुकसान होने से किसान मायूस है। कभी जंगली सूअर, बंदर लंगूर तो अब जंगली खरगोश बड़ी मुसीबत बन चुके हैं।
किसानों के अनुसार हाड़तोड़ मेहनत करने के बाद खरगोश रात के वक्त खेती चौपट कर दे रहे हैं। देर रात तक खेतों में पहरा दिए जाने के बावजूद फसल चौपट हो जा रही है। बेतालघाट ब्लॉक के धनियाकोट, सिमलखा, रतौडा, बजेडी, नैनीचैक तथा ताडी़खेत ब्लॉक के कोटखुशाल, टूनाकोट,ज्याडी़, मंडलकोट, पातली आदि क्षेत्रों में जंगली खरगोशों का कहर बना हुआ है। काश्तकारो ने जंगली खरगोश के आतंक से निजात दिलाए जाने की मांग उठाई है। कहा की यही हालात रहे तो किसान खेती छोड़ने को मजबूर हो जाएंगे।

संबंधित समाचार

टॉप न्यूज