उत्तराखंड: युवा सीएम को युवाओं के रोजगार की चिंता, कैबिनेट बैठक में लिए ये फैसले…

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देहरादून, अमृत विचार। प्रदेश के सबसे युवा सीएम की कमान संभालने के साथ ही पुष्कर सिंह धामी ने सबसे पहले युवाओं के लिए रोजगार की सुध ली। बतौर सीएम उनकी पहली कैबिनेट बैठक युवा और रोजगार पर केंद्रित रही। सीएम धामी की अध्यक्षता में हुई पहली कैबिनेट बैठक में विभिन्न विभागों में लगभग 20-22 हजार …

देहरादून, अमृत विचार। प्रदेश के सबसे युवा सीएम की कमान संभालने के साथ ही पुष्कर सिंह धामी ने सबसे पहले युवाओं के लिए रोजगार की सुध ली। बतौर सीएम उनकी पहली कैबिनेट बैठक युवा और रोजगार पर केंद्रित रही।

सीएम धामी की अध्यक्षता में हुई पहली कैबिनेट बैठक में विभिन्न विभागों में लगभग 20-22 हजार रिक्त पदों और बैकलॉग के रिक्तियों समेत सभी खाली पदों को भरने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा अतिथि शिक्षकों का वेतनमान एकमुश्त 10 हजार रुपए बढ़ाकर 25 हजार कर दिया गया। इसके साथ ही अतिथि शिक्षकों को बड़ी राहत देते हुए गृह जनपदों में तैनाती देने का निर्णय लिया गया। राजकीय पॉलीटेक्निक में कई सालों तक काम करने वाले संविदा कर्मियों की सेवा में व्यवधान हटा लिया गया।

मनरेगा कर्मियों के रिक्त पदों पर आउटसोर्स के जरिए भर्ती के साथ ही हड़ताल की अवधि का भी भुगतान का निर्णय लिया गया। कैबिनेट ने जिला रोजगार कार्यालयों को आउटसोर्सिंग एजेंसी के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया। इससे स्थानीय निवासियों को अपने जिलों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इसके साथ ही पुलिस कर्मियों के ग्रेड पे के परीक्षण और उपनल कर्मियों की मांगों को लेकर कैबिनेट की उप समिति का गठन किया गया।

खाली पदों पर जल्द हो भर्ती शुरू : सीएम
हल्द्वानी। सत्ता संभालते ही सीएम पुष्कर सिंह धामी ने शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को राज्य में विभिन्न रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने और प्रक्रिया के लिए समय सीमा तय करने को कहा। महामारी को देखते हुए भर्ती प्रक्रियाओं में अधिकतम आयु में एक साल छूट प्रदान करने के लिए कैबिनेट में प्रस्ताव लाने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही अधिक से अधिक युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए गए।

कैबिनेट ने लिए छह संकल्प
1. सरकार भ्रष्टाचार मुक्त शासन-प्रशासन। सूचना एवं प्रौद्योगिकी के अधिक से अधिक इस्तेमाल से जनता को पारदर्शी, संवेदनशील एवं त्वरित सेवाओं पर जोर।
2. युवाओं को शासकीय सेवाओं के साथ ही उद्यमी बनाने हेतु स्वरोजगार के अवसर की उपलब्धता होगी।
3. वैश्विक महामारी पर प्रभावी नियंत्रण के साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ एवं सुलभ किया जाएगा।
4. जिलों में शिविर लगाकर निवासियों को दिया जाएगा सरकारी योजनाओं का लाभ।
5. महिलाओं के स्वावलम्बन और सशक्तीकरण होगा।
6. दलितों एवं पिछड़े कमजोर वर्ग का होगा उत्थान।

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