अजय भट्ट का एक सेल्समैन से केंद्रीय मंत्री तक का सफर

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गौरव पांडेय, हल्द्वानी। अपने संघर्ष के दिनों में केंद्रीय मंत्री अजय भट्ट मामूली सेल्समैन रहे। उन्होंने बिंदी-चूड़ी के साथ ही चाय और सब्जी भी बेची। मामूली सेल्समैन से लेकर केंद्रीय मंत्री बनने का उनका जीवन सफर संघर्ष भरा है। उनकी किशोरावस्था में पिता का निधन हो गया था। कुछ समय बाद दो भाइयों का भी …

गौरव पांडेय, हल्द्वानी। अपने संघर्ष के दिनों में केंद्रीय मंत्री अजय भट्ट मामूली सेल्समैन रहे। उन्होंने बिंदी-चूड़ी के साथ ही चाय और सब्जी भी बेची। मामूली सेल्समैन से लेकर केंद्रीय मंत्री बनने का उनका जीवन सफर संघर्ष भरा है। उनकी किशोरावस्था में पिता का निधन हो गया था। कुछ समय बाद दो भाइयों का भी निधन हो गया।

घर में पिता और भाइयों की मृत्यु के बाद आर्थिक हालात भी बिगड़ गए। अपनी पढ़ाई को सुचारू रखने और घर की जिम्मेदारी निभाने के लिए उन्होंने कम उम्र में ही काम करना शुरू कर दिया था। उन्होंने अपने संघर्ष के दौरान दूनागिरी और हदीदखान बाबा मंदिर के बाहर चूड़ी-बिंदी बेचने का काम किया। चाय की दुकान के साथ ही द्वाराहाट में सब्जी भी बेची। इसके साथ ही कई तरह की फुटकर बिक्री की दुकानें चलाई। कॉलेज में मेस चलाकर अपनी पढ़ाई भी पूरी की।

पहली बार सांसद बने और हुए कैबिनेट में शामिल
पहली बार सांसद चुने जाने के साथ ही अजय भट्ट केंद्रीय कैबिनेट में भी शामिल होने में कामयाब रहे। 2019 में उन्होंने नैनीताल सीट पर कांग्रेस के दिग्गज हरीश रावत को रिकॉड मतों से हराया था। उस समय भी उनके केंद्रीय मंत्री बनने के आसार जताए जा रहे थे। लेकिन उन्हें इसके लिए कैबिनेट विस्तार तक इंतजार करना पड़ा।

भाजपा में 36 साल लंबी राजनीतिक पारी
अजय भट्ट ने वर्ष 1985 में अपने राजनीतिक जीवन की शुरूआत की थी। तब वह भारतीय जनता युवा मोर्चा में शामिल हुए थे। जल्द ही उन्हें मोर्चा की उत्तर प्रदेश इकाई की वर्किंग कमेटी का सदस्य बना दिया गया। इसके बाद उन्हें रानीखेत और बिखियासिन तहसील समन्वयक की जिम्मेदारी भी सौंपी गई। उन्होंने अल्मोड़ा जिले के संगठन मंत्री के तौर पर भी काम किया। भट्ट ने राज्य गठन आंदोलन में भी भागीदारी की। वह वर्ष 1996 से 2007 तक रानीखेत सीट से विधायक रहे।

भाजपा सरकार में मंत्री भी बने। वर्ष 2012 से 2017 तक वह विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे। 2015 में उन्हें भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया। संगठन को दी गई मजबूती की बदौलत वर्ष 2017 में भाजपा ने उत्तराखंड में ऐतिहासिक जीत दर्ज की। हालांकि वह खुद चुनाव हार गए। 2019 में वह नैनीताल-ऊधमसिंह नगर से पहली बार सांसद चुने गए। उन्होंने कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को रिकॉर्ड मतों से हराया। लोस चुनाव के दौरान उन्हें राज्य के प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उन्होंने भाजपा की जीत में अहम भूमिका निभाई।

भट्ट के केंद्रीय मंत्री बनने पर भाजपा कार्यालय में बांटी मिठाई
बुधवार को नैनीताल सांसद अजय भट्ट के केंद्रीय मंत्री बनने के बाद कुमाऊं संभाग कार्यालय में मिठाई बांटी गई। कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जताई। कार्यकर्ताओं ने उम्मीद जताई कि सांसद भट्ट को केंद्रीय मंत्री बनाने से क्षेत्र के विकास में तेजी आएगी। केंद्रीय मंत्री बनने पर कार्यकर्ताओं ने कहा कि भट्ट को पार्टी के प्रति कर्मठता और निष्ठा का प्रतिफल मिला है। इधर, नैनीताल जिले से तमाम पदाधिकारी और नेता भट्ट को केंद्रीय मंत्री बनने के बाद गृह क्षेत्र लाने के लिए दिल्ली रवाना हुए। यहां से तमाम समर्थक शपथ ग्रहण देखने के लिए पहले ही दिल्ली पहुंच चुके थे।
गौरव

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