हल्द्वानी: सीटीआर में जंगल, जंगली जानवरों की सुरक्षा के लिए शुरू हुआ ऑपरेशन मानसून

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

हल्द्वानी, अमृत विचार। बारिश के मौसम में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में शिकार पर अंकुश लगाने के मकसद से ‘ऑपरेशन मानसून’ शुरू हो गया है। सीटीआर के 1300 वर्ग किमी में फैले जंगल और जंगली जानवरों की सुरक्षा के लिए 696 फील्ड स्टाफ का चप्पे-चप्पे पर लगाया गया है। वन अधिकारियों के अनुसार बारिश के मौसम …

हल्द्वानी, अमृत विचार। बारिश के मौसम में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में शिकार पर अंकुश लगाने के मकसद से ‘ऑपरेशन मानसून’ शुरू हो गया है। सीटीआर के 1300 वर्ग किमी में फैले जंगल और जंगली जानवरों की सुरक्षा के लिए 696 फील्ड स्टाफ का चप्पे-चप्पे पर लगाया गया है।

वन अधिकारियों के अनुसार बारिश के मौसम में जंगलों में रास्तों में जलभराव हो जाता है। अंदरूनी सड़कें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। ऐसे में जंगल के चप्पे-चप्पे पर निगरानी करना मुश्किल होता है। वहीं कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के कालागढ़ उप्र के बिजनौर जिले से सटा हुआ है। वहीं कई नदी, तालाब है जो उप्र व उत्तराखंड में हैं तो इनसे भी शिकारियों की घुसपैठ का खतरा बना रहता है।

,इस वजह से सीटीआर में एक जुलाई से ऑपरेशन मानसून शुरू किया गया है। सीटीआर में 24 घंटे गश्त के लिए 196 स्थानी और 500 दैनिक वेतन भोगी कुल 696 कर्मचारियों को नियुक्त किया गया है जो जंगल के चप्पे-चप्पे की निगरानी करेंगे। जंगलों के अंदरूनी हिस्सों में बनी वन चौकियों और पोस्टों में राशन पहुंचा दिया गया है।

पैदल, हाथी, घोड़े और एटीवी से होगी गश्त 

वन अधिकारियों के अनुसार सीटीआर में पैदल, घोड़े, हाथी और एटीवी (एनी टाइम व्हीकल) से गश्त की जा रही है। वहीं उप्र से सटे जंगलों में ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है।

सीटीआर में सीटी बजाएंगे वन कर्मी 

ऑपरेशन मानसून के दौरान वन कर्मचारियों के लिए प्राथमिक उपचार के लिए जरूरी दवाइयां, सर्प दंश से बचाव के लिए एंटी वैनम इंजेक्शन, वायरलैस सेट वगैरह का इंतजाम किया गया है। वहीं इस बार सीटी भी दी गई है ताकि वे सीटी बजाकर अपनी मौजूदगी का एहसास कराएंगे।

 

संबंधित समाचार