फिर लापरवाही
देश में कोरोना महामारी का प्रभाव कम हुआ है और नए मामलों की संख्या में लगातार कमी आई है। अब प्रतिदिन 50 हजार से भी कम मामले सामने आ रहे हैं। विशेषज्ञ कोरोना की तीसरी लहर की आशंका प्रकट कर रहे हैं। कोरोना के अनेक म्यूटेंट होने से महामारी की तीसरी लहर का खतरा बना …
देश में कोरोना महामारी का प्रभाव कम हुआ है और नए मामलों की संख्या में लगातार कमी आई है। अब प्रतिदिन 50 हजार से भी कम मामले सामने आ रहे हैं। विशेषज्ञ कोरोना की तीसरी लहर की आशंका प्रकट कर रहे हैं। कोरोना के अनेक म्यूटेंट होने से महामारी की तीसरी लहर का खतरा बना हुआ है। खासकर डेल्टा प्लस वेरिएंट के ज्यादा घातक होने की बात की जा रही है।
ज्यादातर राज्यों में लॉकडाउन हटा जीवन को पटरी पर लाने की कोशिश हो रही है। लोगों ने मामले घटने के साथ ही एक बार फिर से सामाजिक दूरी का पालन करना और मास्क लगाना बंद कर दिया है। बंदिशों में ढील के बाद लग रहा है कि लोग बेफिक्र हो गए हैं। देश में पर्यटक स्थलों के साथ-साथ अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही बढ़ी है और अधिक मात्रा में भीड़ एकत्र हो रही है।
पर्यटक स्थलों पर लोगों के कोविड प्रोटोकॉल का पालन किए बिना एक-दूसरे के साथ घुलने-मिलने के वीडियो चिंता पैदा करते हैं। जबकि लोगों को संभावित तीसरी लहर से बचाव के प्रति अधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। देश में कोविड के खिलाफ टीकाकरण अभियान भी तीव्रगति से चलाया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक लोगों का टीकाकरण किया जा सके।
अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की कुल 36.89 करोड़ खुराक दी जा चुकी है। तीसरी लहर की चुनौतियों का सामना करने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय तैयार है। सरकार ने कोरोना आपदा के मद्देनजर 23 हजार करोड़ के आपातकालीन स्वास्थ्य पैकेज की घोषणा की है। कोरोना की दूसरी लहर में जो दिक्कतें सामने आईं थीं, उसे देखते हुए यह नया पैकेज लाया गया है। केंद्र 15 हजार करोड़ खर्च करेगा और राज्य सरकारों को 8 हजार करोड़ दिए जाएंगे।
2020 में कोरोना से निपटने के लिए सरकार ने पहला पैकेज 15 हजार करोड़ रुपए का दिया था। इसकी मदद से कोविड डेडिकेटेड अस्पताल 163 से 4,389 हो गए। पहले कोविड हेल्थ सेंटर थे ही नहीं, अब 8,338 हो चुके हैं। कोविड केयर सेंटरों की संख्या 10 हजार हो गई है। कहा जा सकता है कि नए पैकेज से कोरोना के खिलाफ लड़ाई में नई मजबूती आएगी।
उत्तर प्रदेश में भी स्वास्थ्य सुविधाओं को चुस्त दुरुस्त करने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। फिर सरकार को वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करवाने के साथ ही टीकाकरण की गति को बढ़ाना होगा। साथ ही लोगों को भी समझना होगा कि कोविड अनुरूप व्यवहार का पालन करके ही संभावित तीसरी लहर को आने से रोका जा सकता है।
