हल्द्वानी: नहर कवरिंग कार्य के लिए टेंडरिंग प्रक्रिया पूरी फिर भी रफ्तार धीमी
हल्द्वानी, अमृत विचार। क्षेत्र की नहरों को कवर करने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। अब इस योजना के लिए पांच करोड़ रुपए का बजट जारी किया गया है। करीब तीन साल पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री ने पनचक्की चौराहे से लेकर कमलुवागांजा तक की नहर को कवर किए जाने का …
हल्द्वानी, अमृत विचार। क्षेत्र की नहरों को कवर करने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। अब इस योजना के लिए पांच करोड़ रुपए का बजट जारी किया गया है। करीब तीन साल पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री ने पनचक्की चौराहे से लेकर कमलुवागांजा तक की नहर को कवर किए जाने का ऐलान किया था।
जिसके बाद सिंचाई विभाग, जल संस्थान, ऊर्जा निगम और लोनिवि ने बकायदा चार फेज में टोटल 45 करोड़ का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था। लेकिन टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी नहर कवरिंग का निर्माण कार्य धीमी रफ्तार से चल रहा है। कुछ जगहों पर निर्माण कार्य शुरु तक नहीं हो सका है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार सरकार ने दूसरे चरण के चंबल पुल से लेकर चौफुला तक 1.2 किमी नहर को कवर करने के लिए 499.98 लाख रुपए की धनराशि संबंधित विभागों को जारी कर दी है। इससे पहले नहरों का पुनर्निर्माण, विद्युत पोल व पेयजल लाइनें शिफ्ट की जाएंगी। इसके बाद नहर को कवर कर लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री की घोषणा में शामिल इस कवरिंग के काम के प्रत्येक चरण के लिए सरकार द्वारा 499.98 लाख रुपये की धनराशि जारी कर दी गई है। इसके साथ ही विद्युत पोल व पेयजल लाइनें शिफ्ट करने के लिए ऊर्जा निगम और जलसंस्थान को धन मिल गया है। नहर कवरिंग के साथ ही विद्युत पोल व पेयजल लाइनों को शिफ्ट करने का काम भी शुरू कर दिया गया है।
चार चरणों में होगा नहर कवर
पहले चरण में पनचक्की से चंबल पुल तक इसके बाद चंबल पुल से चौफुला चौराहे तक और कठघरिया चौराहे से कमलुवागांजा तिराहा तक। इसके बाद चौथे चरण में कठघरिया चौराहे से कमलुवागांजा तिराहे तक कार्य होना है। इसके लिए सिंचाई विभाग को 302.20 लाख, ऊर्जा निगम को 32.91 लाख, जल संस्थान को 160.22 लाख और लोनिवि को 66 हजार की धनराशि जारी कर दी गई है।
जल संस्थान व विद्युत विभाग द्वारा लाइनों को शिफ्ट करने का कार्य किया जा रहा है। इस कारण निर्माण कार्य तेजी से नही कराया जा रहा है। इन विभागों का कार्य पूर्ण होने के बाद निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाएगी।
- मनोज तिवारी, सहायक अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग
