हल्द्वानी: सावधान! साइबर धोखाधड़ी से कमाया गया पैसा जा रहा है चीन
हल्द्वानी, अमृत विचार। पावर बैंक एप में निवेश के नाम पर धोखाधडी के प्रकरण में केंद्रीय गृह मंत्रालय के इंडियन साइबर क्राइम कोआर्डिनेशन सेंटर को 20 संदिग्ध चार्टेड अकाउंटेंट (सीए) की सूची भेजी गई है। जांच एजेंसियों का मानना है कि साइबर धोखाधड़ी से कमाया गया पैसा चीन जा रहा है। उत्तराखंड एसटीएफ ने इसके …
हल्द्वानी, अमृत विचार। पावर बैंक एप में निवेश के नाम पर धोखाधडी के प्रकरण में केंद्रीय गृह मंत्रालय के इंडियन साइबर क्राइम कोआर्डिनेशन सेंटर को 20 संदिग्ध चार्टेड अकाउंटेंट (सीए) की सूची भेजी गई है। जांच एजेंसियों का मानना है कि साइबर धोखाधड़ी से कमाया गया पैसा चीन जा रहा है। उत्तराखंड एसटीएफ ने इसके साथ अन्य सभी राज्यों के लिए नए एप और नए तौर-तरीकों को लेकर अलर्ट जारी किया है, जहां फर्जी वेबसाइट और एप द्वारा सामान बेचने के नाम पर लोगों को धोखा दिया जा रहा है।
पुलिस मुख्यालय उत्तराखंड द्वारा शनिवार को जारी आधिकारिक प्रेस नोट के अनुसार देश भर में इस साइबर क्राइम से संबंधित 239 तो उत्तराखंड में आठ केस दर्ज हुए हैं। इनकी विवेचना में अब तक 30 बैंक खाते, संबंधित बैंक प्रबंधकों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नोटिस जारी हो चुके हैं।
12 अभियुक्तों में से दो गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि नौ अभियुक्तों के खिलाफ बी वारंट, गैर जमानती नोटिस जारी कराने के अलावा एक अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल से संपर्क किया गया है। करोड़ों रुपए के ट्रांजेक्शन के एक मामले में ईडी द्वारा क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंजर्स को 2700 करोड़ का नोटिस भी भेजा गया है। इस प्रकरण में 350 करोड रुपये से अधिक की धनराशि की हेराफेरी होने का अनुमान है।
हांगकांग से संचालित पावर बैंक एप
उत्तराखंड के साइबर थाने द्वारा तकनीकी रूप से यह जानकारी भी प्राप्त की गयी जिसमें धोखाधड़ी से प्राप्त कुछ धनराशि को क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से चीन भेजे जाने के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। साथ ही धोखाधड़ी हेतु प्रयुक्त पावर बैंक एप को हांगकांग से संचालित किया जा रहा था। वर्तमान में प्रचलित अन्य कई संदिग्ध एप के संबंध में जानकारी मिली है, जो इसी प्रकार के अवैध कार्यो मे लिप्त है। इनमें प्रमुख रूप से ईजेड प्वाइंट, सन फैक्टरी, लाइटेनिंग पावर बैंक, ईजेड कॉइन, फिश प्लस आदि हैं।
देहरादून बुलाकर की पूछताछ
एसटीएफ के अनुसार अभियोग में विवेचना में सामने आया कि आरोपियो द्वारा धनराशि के लेनदेन हेतु अधिकांशतः रोजरपे, पेटीएम वेलेट, गेटवे का का प्रयोग किया गया। उनके प्रतिनिधि को देहरादून बुलाकर पूछताछ की गई और लिखित में जवाब मांगा गया है।
साल 2020 में कोरोना संकट के समय कुछ चीनी लोगों द्वारा पावर बैंक एप के माध्यम से धनराशि दोगुना करने का लालच देकर धोखाधडी की गयी। जिसमें दिल्ली, गुरुग्राम और नोएडा के 20 चार्टेड अकाउंटेंट के द्वारा चीनी नागरिको के संपर्क में आकर फर्जी शैल कंपनियां खोलकर अपराध करने की संदिग्धता प्रकाश में आयी है। इन सभी मामलों में जल्द ही और गिरफ्तारियां होने की उम्मीद है।
