हल्द्वानी: पति-पत्नी के बीच “वो” के आने से टूट रहे घर
गौरव पांडे, हल्द्वानी। विवाहेत्तर संबंध और जीवनसाथी पर शक दांपत्य जीवन में कलह का जहर घोल रहा है। इसके चलते दांपत्य जीवन में दरार ही नहीं आ रही, बल्कि पति-पत्नी के बीच वो के आने से घर भी टूट रहे हैं। इन मामलों में पुलिस जांच के साथ ही बात अदालत तक भी पहुंच रही …
गौरव पांडे, हल्द्वानी। विवाहेत्तर संबंध और जीवनसाथी पर शक दांपत्य जीवन में कलह का जहर घोल रहा है। इसके चलते दांपत्य जीवन में दरार ही नहीं आ रही, बल्कि पति-पत्नी के बीच वो के आने से घर भी टूट रहे हैं। इन मामलों में पुलिस जांच के साथ ही बात अदालत तक भी पहुंच रही है।
पुलिस के फैमिली सेल में ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं। अधिकांश मामलों में महिलाओं ने पति पर विवाहेत्तर संबंधों का आरोप लगाया है। फैमिली सेल में आने वाली 10 फीसदी शिकायतों में विवाहेत्तर संबंध के कारण दांपत्य जीवन में दरार आने के मामले शामिल हैं। अधिकांश शिकायतें पतियों के खिलाफ है। महिलाओं को शक है कि पति के दूसरी महिलाओं से संबंध हैं। जबकि कई महिलाएं पति को वो के साथ रंगे हाथ पकड़ने का दावा भी करती हैं। विवाहेत्तर संबंधों के शक के चलते पहले तो दांपत्य जीवन में दरार आ रही है।
इसके बाद दंपतियों के बीच हो रहे विवाद घर की दहलीज लांघ पुलिस तक पहुंच रहे हैं। फैमिली सेल में कुछ मामलों में दोनों पक्षों की लंबी काउंसलिंग के बाद भी सुलह-समझौता नहीं हो रहा। नतीजन दांपत्य में अलगाव के साथ ही घर टूट रहे हैं। पुलिस को एफआईआर दर्ज करनी पड़ रही है। पुलिस जांच के साथ ही ये मामले अदालतों तक भी पहुंच रहे हैं। विवाहेत्तर संबंध और शक के चलते कई दंपतियों का तलाक तक हो चुका है। इतना ही नहीं, दहेज उत्पीड़न में दर्ज तकरीबन 30 फीसदी एफआईआर में भी विवाहेत्तर संबंध का जिक्र है।
विवाहेत्तर संबंधों की शिकायतों में आ रही तेजी
हल्द्वानी। विवाहेत्तर संबंधों की शिकायतों में तेजी आ रही है। वर्तमान में पुलिस के फैमिली सेल में आने वाले दंपतियों के बीच विवाद के 10 फीसदी मामले विवाहेत्तर संबंधों के शक से जुड़े हैं। फैमिली सेल में गुजरे तीन सालों के दौरान ऐसे मामलों में तेजी आई है। खासतौर पर महिलाएं खुलकर इसके खिलाफ शिकायत कर रही हैं।
बढ़ता स्क्रीन टाइम भी बना शक की वजह
हल्द्वानी। इंटरनेट और सोशल मीडिया के दौर में बढ़ता स्क्रीन टाइम भी पति-पत्नी के बीच शक की एक बड़ी वजह के रूप में सामने आ रहा है। स्क्रीन टाइम बढ़ने के बाद दंपती एक दूसरे को पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे। इसके चलते दोनों में दूरी और अलगाव बढ़ रहा है। इसके साथ ही एक-दूसरे के चरित्र पर शक की बुनियाद तैयार हो रही है। फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम आदि सोशल मीडिया साइट पर दोस्तों की लंबी फेहरिस्त और संपर्क के चलते दांपत्य जीवन में शक शुरू होता है। पुलिस के पास आने वाले शिकायतों की जांच में दंपती के बीच विवाहेत्तर संबंधों में शक का बड़ा कारण सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को माना जा रहा है।
फैमिली सेल में विवाहेत्तर संबंधों के शक से जुड़ी शिकायतें भी आ रही हैं। सेल में आने वाली हर दसवीं शिकायत में विवाहेत्तर संबंधों के आरोप भी शामिल होते हैं। दोनों पक्षों की काउंसलिंग के साथ विवाद के निस्तारण का हरसंभव प्रयास किया जाता है।
-ललिता पांडेय, प्रभारी, फैमिली सेल
पुलिस की जांच के साथ ही ये मामले अदालत में भी पहुंच रहे हैं। विवाहेत्तर संबंधों के शक के चलते दंपतियों के बीच अलगाव के बाद कई घर टूट चुके हैं। विवाहेत्तर संबंध कई बार तलाक का आधार भी बने हैं। गुजरे सालों में इन मामलों में तेजी आई है।
– विनोद जोशी, वरिष्ठ अधिवक्ता
