मुरादाबाद : दो साल पहले से रोज कट रहे चालान, लोगों को नहीं हो पा रही जानकारी

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मुरादाबाद,अमृत विचार। नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों पर होने वाली ऑनलाइन कार्रवाई ने एक नई मुश्किल खड़ी कर दी है। ऑनलाइन चालान होने के बाद वाहन चालकों को इसकी जानकारी नहीं हो पा रही है। कुछ मामले तो ऐसे आ रहे हैं कि चालान तो करीब दो साल पहले कटा। लेकिन, वाहन स्वामी …

मुरादाबाद,अमृत विचार। नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों पर होने वाली ऑनलाइन कार्रवाई ने एक नई मुश्किल खड़ी कर दी है। ऑनलाइन चालान होने के बाद वाहन चालकों को इसकी जानकारी नहीं हो पा रही है। कुछ मामले तो ऐसे आ रहे हैं कि चालान तो करीब दो साल पहले कटा। लेकिन, वाहन स्वामी के मोबाइल में कभी मैसेज ही नहीं आया। इतना ही नहीं लंबा वक्त बीतने के बाद भी चालान का मामला कोर्ट तक भी नहीं पहुंचा। अब जब वाहन स्वामी के पास चालान जमा करने के लिए फोन आने शुरू हुए तो उन्हें इसकी जानकारी हुई।

वक्त के साथ पुलिस की कार्यप्रणाली भी हाईटेक हो गई है। सीसीटीएनएस सिस्टम के तहत अब रिपोर्ट भी ऑनलाइन दर्ज हो रही है। इतना ही नहीं यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों पर भी ऑनलाइन कार्रवाई कर शुरू कर दी गई है। यह ही कारण है कि पुलिस को देखकर इधर-उधर से फरार होने वाले वाहन चालक भी कार्रवाई की जद में आ रहे हैं।

नियमों की अनदेखी करने या फिर नो एंट्री में वाहन खड़े करने वाले चालकों को इसकी जानकारी ही नहीं हो पाती है कि कब उनका चालान कट गया। मोबाइल पर मैसेज आने के बाद ही उन्हें इसकी जानकारी होती है। हालांकि इस चालान में कई कमियां भी सामने आई हैं। खासतौर स्कूटी चालक का सीट बेल्ट न लगाने पर चालान करने के कई मामले सामने आ चुके हैं। अब एक नई समस्या सामने आ रही है। चालानी कार्रवाई होने के बाद भी मैसेज न आने के कारण वाहन चालकों को इसकी जानकारी नहीं हो पा रही है।

सर्वर डाउन और नंबर अपडेट न होने के कारण आ रही मुश्किल
हाल ही में ट्रैफिक पुलिस ने चालान जमा करने के लिए वाहन चालकों से संपर्क किया तो यह मामला सामने आया। दरअसल फोन करने पर वाहन स्वामियों ने चालान होने की जानकारी से इंकार कर दिया। उन्होंने हवाला दिया कि इस संबंध में कोई मैसेज नहीं आया है।

इसके बाद जब वाहन स्वामी पुलिस लाइन स्थित कार्यालय पर चालान जमा करने पहुंचे तो मालूम हुआ कि किसी का एक साल पहले तो किसी का दो साल पहले चालान कटा था। यह सुनकर वे सकते में आ गए। जब इसको लेकर विरोध जताया तो उन्होंने चालान जमा करने की बात कही।

अधिकारियों का कहना है कि कई बार सर्वर डाउन होने के कारण या फिर वाहन स्वामी का मोबाइल नंबर अपडेट न होने के कारण मैसेज उन तक नहीं पहुंच पा रहा है। सर्वर डाउन होने के कारण मैसेज फेल होने की जानकारी काफी समय बाद मिल पा रही है। यह ही वजह है कि संबंधित मामले कोर्ट को भी हस्तांतरित नहीं हो पा रहे हैं।

एसपी ट्रैफिक अशोक कुमार ने बताया कि नियमानुसार चालान करते ही संबंधित के फोन पर मैसेज चला जाता है। कई बार नंबर अपडेट या फिर सर्वर डाउन होने के कारण यह परेशानी हो रही है। यह ही कारण है कि फोन करके वाहन स्वामियों को चालान के संबंध में सूचना दी जा रही है।

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