अमेठी: डीएम की चौखट पर पीड़ित ने लगाई न्याय की गुहार, कहा- सिपाहियों ने दी है जान….
अमेठी। जिले के गया प्रसाद पुत्र राम दत्त निवासी सेमरहवा मजरे जंगल राम नगर ने जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र के माध्यम से अवगत कराया है कि बीते 8जुलाई को मेरे पड़ोसी कामता प्रसाद से लैटरिग का छज्जा मेरे खेत की ओर निकालने के चलते विवाद शुरू हो गया जिसमें विपक्षी फौजदारी पर आमादा …
अमेठी। जिले के गया प्रसाद पुत्र राम दत्त निवासी सेमरहवा मजरे जंगल राम नगर ने जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र के माध्यम से अवगत कराया है कि बीते 8जुलाई को मेरे पड़ोसी कामता प्रसाद से लैटरिग का छज्जा मेरे खेत की ओर निकालने के चलते विवाद शुरू हो गया जिसमें विपक्षी फौजदारी पर आमादा हो गये तत्पश्चात मैने डायल 112को सूचना दी। मौके पर पहुंची डायल 112की टीम ने मुझे व मेरी दो पुत्रियों व विपक्षी की पुत्री को थाने ले आए।
जहां से पुलिस ने रात 10:00 बजे वर्तमान प्रधान को थाने बुलाकर मेरी दोनो बेटियों व विपक्षी की पुत्री को पूर्व प्रधान रवीन्द्र को बुलाकर घर भेज दिया। रात लगभग 11 बजे गांव के कुछ लोग मुझे लेने आए तो प्रभारी निरीक्षक ने कहा कि सुबह छोड़ दिया जाएगा और लोग वापस चले गए। उसके थोड़ी देर बाद बैरक में स्थानीय थाने पर तैनात सिपाही चंदन कनौजिया आए और एक दूसरे सिपाही की मदद से बेल्ट, लात-घूसों व डंडे से जानवरों की तरह मुझ से मारा पीटा।
थाने पर सुबह आए परिजनों को मिलने नहीं दिया गया और सुबह व दोपहर में भी उक्त सिपाहियों द्वारा मारा पीटा गया तथा शाम 4:00बजे 151/16मे जमानत पर छोड़ दिया गया तत्पश्चात मुझे पता चला कि 151/16में मेरी दोनों बेटियों व पत्नी को भी निरुद्ध किया गया है और विपक्षी पर कोई कार्यवाही नहीं की गयी है। ज्ञात हो कि विपक्षी से मेरा कई वर्षों से जमीन का विवाद चल रहा है जिसके पीछे पूर्व प्रधान का हाथ है।
जिनके इशारे पर पुलिस हर बार सुलह समझौता व गाली गलौज कर छोड़ देती है लेकिन इस बार पुलिस ने बर्बरता की सारी हदे पार कर दी है जिसके चलते काफी चोट लग गई है कई दिंन बीतने के बाद भी उठना बैठना चलना फिरना दुश्वार हो गया है। वहीं पीड़ित ने बताया कि पुलिस कर्मियों के इस कृत्य से पुलिस प्रशासन से विश्वास उठ गया है और कहीं न्याय नहीं मिल पा रहा है ऐसे में पीड़ित का परिवार घर छोड़ने व आत्महत्या पर मजबूर हो गया है।
पिटाई के दौरान पीड़ित से सिपाहियों ने कहा था कि कहीं भी शिकायत मत करना नहीं तो जान से मार दूंगा। यदि आगे ऐसी कोई घटना घटित होती है तो उसकी जवाबदेही अमेठी प्रशासन की होगी। वहीं पीड़ित ने उक्त पुलिस कर्मियों के खिलाफ जांच कर कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित करने व मेडिकल परीक्षण कराए जाने की मांग की है।
