हल्द्वानी: जिले में आठ लाख कोरोना टीकों की और जरूरत
हल्द्वानी, अमृत विचार। नैनीताल जिले में धीमा टीकाकरण कोरोना की तीसरी लहर में परेशानी का सबब बन सकता है। यहां अभी तक 5.40 लाख लोगों को टीका लग गया है। जिसमें केवल 85 हजार लोगों को दोनों टीके लगे हैं। इस लिहाज से संपूर्ण वयस्क आबादी का टीकाकरण करने के लिए आठ लाख टीकों की …
हल्द्वानी, अमृत विचार। नैनीताल जिले में धीमा टीकाकरण कोरोना की तीसरी लहर में परेशानी का सबब बन सकता है। यहां अभी तक 5.40 लाख लोगों को टीका लग गया है। जिसमें केवल 85 हजार लोगों को दोनों टीके लगे हैं। इस लिहाज से संपूर्ण वयस्क आबादी का टीकाकरण करने के लिए आठ लाख टीकों की और जरूरत पड़ेगी।
जिले में टीकाकरण शुरू हुए छह माह बीत चुके हैं। यहां करीब 4.80 लाख युवाओं और 2.20 हजार बुजुर्गों को कोरोना टीके लगाए जाने हैं। इनमें से 5.40 लाख लोगों का टीकाकरण हुआ है। जिसमें से करीब 85 हजार लोगों को ही कोरोना टीके की दोनों डोज मिली हैं। प्रतिमाह करीब एक लाख टीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। अभी 2.60 लाख लोग ऐसे हैं जिनको कोरोना टीके की कोई भी डोज नहीं मिली है। इसके साथ ही 4.55 लाख लोगों को कोरोना का दूसरा टीका लगाया जाना है।
इस हिसाब से जिले में वयस्कों का संपूर्ण टीकाकरण करने के लिए आठ लाख और टीकों की जरूरत पड़ेगी। अगर शुरूआत से ही टीके लगाने का औसत देखें तो अभी जिले में वयस्कों के संपूर्ण टीकाकरण के लिए करीब आठ माह का समय और लग सकता है। जबकि तीसरी लहर की शुरूआत हो गई है। अनुमान लगाया गया है कि तीसरी लहर का असर अगले सौ दिनों तक रह सकता है। तीसरी लहर से निपटने के लिए कोविड के दोनों टीकों से बनी हार्ड इम्यूनिटी ही काम आ सकती है। फिलहाल टीकों से हार्ड इम्यूनिटी के मामले में अभी हम बहुत पीछे हैं।
