गोरखपुर: दबंगों ने ढहाया निर्माण, पुलिस बनी रही मूकदर्शक! जानें क्या पूरा मामला
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शहर में जिस जमीन पर पुलिस व राजस्व टीम ने खुद खड़े होकर निर्माण कराया था, 6 महीने बाद दबंगों ने आधी रात वही निर्माण एक बार फिर ढहा दिया। शहर के बीच इस घटना की जानकारी होने के दो दिन बाद भी पुलिस मूकदर्शक बनी तमाशा देख …
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शहर में जिस जमीन पर पुलिस व राजस्व टीम ने खुद खड़े होकर निर्माण कराया था, 6 महीने बाद दबंगों ने आधी रात वही निर्माण एक बार फिर ढहा दिया। शहर के बीच इस घटना की जानकारी होने के दो दिन बाद भी पुलिस मूकदर्शक बनी तमाशा देख रही है। घटना रामगढ़ताल इलाके के महेवा बंधे की है। पीड़ित की शिकायत पर एसएस पी दिनेश कुमार पी के निर्देश पर पुलिस ने इस मामले में 5 आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। जबकि मामले की जांच भी शुरू हो गई है।
शहर के राजघाट इलाके के रायगंज निवासी विजय कसेरा की महेवा एहतमाली बंधे पर 1744 स्क्वायर फुट जमीन है। विजय कसेरा के मुताबिक इस जमीन को उनकी माता स्व. केवल देवी ने सन 1990 में जरिए रजिस्ट्री बैनामा खरीदा था। बाद में केवल देवी के देहांत के बाद जमीन पर उनके बेटों उमाशंकर, रमाशंकर, त्रिभुवन कसेरा और विजय कसेरा का नाम दर्ज हो गया। आरोप है कि जमीन पर जब भी कुछ निर्माण होता है तो वहीं के दबंग रमाशंकर सोनकर अपने समर्थकों और गुर्गों के साथ निर्माण या तो होने नहीं देता या फिर ध्वस्त कर देता है।
बीते फरवरी महीने भी जमीन स्वामी अपनी जमीन पर कुछ निर्माण करा रहे थे। उस दौरान भी दबंगों ने उनका निर्माण ध्वस्त कर दिया था। इसके बाद पीड़ितों ने मुख्यमंत्री के दरबार में गुहार लगाई। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर तत्कालीन एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने मामले की जांच कराई और मामला सही पाए जाने के बाद पुलिस फोर्स की मौजूदगी में जमीन पर निर्माण हुआ।
आरोप है कि शुक्रवार की भोर में एक बार फिर दबंगों ने उस जमीन की 6 फुट उंची पक्की बाउंड्रीवाल रातोरात गिराकर ध्वस्त कर दिया। सुबह जानकारी होने पर पीड़ित ने इसकी सूचना पुलिस को दी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। लिहाजा पीड़ित ने एसएसपी से न्याय की गुहार लगाई। आरोप है कि एसएसपी के निर्देश पर पुलिस ने पीड़ित से तहरीर बदलवा दी और छिटपुट धाराओं के तहत रमाशंकर सोनकर सहित 5 आरोपितों के खिलाफ नामजद केस तो दर्ज कर लिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की।
पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने कार्रवाई का कोरम पूरा करने के लिए तीन आरोपितों को पकड़ा और उसकी फोटो खिंचकर पीड़ित के मोबाइल पर भेज अश्वस्त करना चाहा कि पुलिस कार्रवाई कर रही है। इसके बाद उनका शांतिभंग में चालान कर दिया। पीड़ित का आरोप है कि आरोपित भू-माफिया इलाके का बेहद दबंग है। जिससे पुलिस भी खौफ खाती और फलमंडी चौकी पर तैनात पुलिसकर्मी दबंग के घर दरबार करते हैं। एसएसपी दिनेश कुमार पी ने बताया कि पुलिस को केस दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। मामले की जांच कराई जा रही है। जो भी सही होगा, उसके पक्ष में कार्रवाई की जाएगी।
