हल्द्वानी: प्रदूषण फैलाने पर सेंचुरी पल्प एंड पेपर मिल के खिलाफ भड़के लोग, प्रधानमंत्री से की शिकायत
हल्द्वानी, अमृत विचार। तराई भाबर बचाओ संघर्ष समिति के लोगों ने हल्द्वानी में एसडीएम से मिलकर सेंचुरी पल्प एंड पेपर मिल के खिलाफ ज्ञापन दिया। समिति के लोगों ने मिल पर क्षेत्र में प्रदूषण फैलाने का आरोप लगाया। साथ ही मिल की वजह से तराई और भाबर का भूमिगत जलस्तर गिरने की भी बात की। …
हल्द्वानी, अमृत विचार। तराई भाबर बचाओ संघर्ष समिति के लोगों ने हल्द्वानी में एसडीएम से मिलकर सेंचुरी पल्प एंड पेपर मिल के खिलाफ ज्ञापन दिया। समिति के लोगों ने मिल पर क्षेत्र में प्रदूषण फैलाने का आरोप लगाया। साथ ही मिल की वजह से तराई और भाबर का भूमिगत जलस्तर गिरने की भी बात की।
समिति के अध्यक्ष रमेश चंद्र पलड़िया के नेतृत्व में समिति के लोग एसडीएम कार्यालय यहां पहुंचे। यहां उन्होंने सेंचुरी पेपर मिल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।साथ ही पीएम को भेजे ज्ञापन में कहा कि लालकुआं, बिंदुखत्ता और शांतिपुरी के मध्य एक लाख की आबादी निवास करती है। सेंचुरी मिल परंपरागत घोड़ानाला नदी में केमिकल छोड़ा जा रहा है। जिससे पानी पूरी तरह से प्रदूषित हो गया है और लोग गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं।
कहा कि जानवरों के दूध से तक कैमिकल की महक आने लगी है। हैंडपंपों से भी पानी के साथ केमिकल की दुर्गंध आती है। इसलिए यहां का पानी पीने योग्य नहीं रह गया है। आरोप लगाया कि इस मिल को एशिया का नंबर वन मिल कहा जाता है। इसके बावजूद भी मिल में स्थानीय बेरोजगारों की जगह बाहरी प्रांतों के लोगों को नौकरी पर रखा जाता है। कहा कि मिल भूमिगत जल का भी जमकर दोहन कर रही है। जिस वजह से लालकुआं और आसपास के इलाकों में लगातार भूमिगत जल गिरता ही जा रहा है।
मांग की गई कि घोड़ानाला नदी में जो कैमिकल बहाया जा रहा है इसका तत्काल पाइपीकरण हो। साथ ही प्रदूषण से प्रभावित लोगों के लिए सेंचुरी मिल की तरफ से 50 बेड का अस्पताल बनवाया जाए। इस दौरान भुवन जोशी, मनोहर सिंह, पूरन आर्या, धीरज पांडे, कमल आदि रहे।
