गौलापार में खेतों में घुसे हाथी,15 बीघा फसल की बर्बाद

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हल्द्वानी, अमृत विचार। गौलापार में हाथियों ने कई बीघा फसल को पैरों से रौंदकर बर्बाद कर दिया। ग्रामीणों ने हाथियों को बहुत भगाने की कोशिश की लेकिन वह सफल नहीं हुए। गुस्साए ग्रामीणों ने वन विभाग से मुआवजे की मांग की है। ग्राम पंचायत सुंदरपुर रैक्वाल में रविवार के तड़के हाथी खेतों में घुस गए। …

हल्द्वानी, अमृत विचार। गौलापार में हाथियों ने कई बीघा फसल को पैरों से रौंदकर बर्बाद कर दिया। ग्रामीणों ने हाथियों को बहुत भगाने की कोशिश की लेकिन वह सफल नहीं हुए। गुस्साए ग्रामीणों ने वन विभाग से मुआवजे की मांग की है।

ग्राम पंचायत सुंदरपुर रैक्वाल में रविवार के तड़के हाथी खेतों में घुस गए। ग्रामीणों को जब इसका पता चला तो उन्होंने हाथियों को भगाने की कोशिश् की लेकिन हाथी नहीं भागे। कुछ ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों को भी इसकी सूचना फोन पर दी लेकिन उसका भी कोई फायदा नहीं हुआ। करीब तीन घंटे तक हाथियों का झुंड खेतों में मौजूद रहा। बाद में सुबह के समय हाथी वापस जंगल की ओर लौट गए। ग्रामीण जब खेतों में पहुंचे तो उन्हें पता चला कि करीब 15 बीघा फसल को हाथी बर्बाद कर गए हैं।

खेतों में धान, गन्ना और पशुओ को खिलाने के लिए चारे की बुवाई की गई है। धान की फसल खराब होने से किसानों में आक्रोश है। किसान अंग्रेज सिंह ने बताया कि साल में कई बार हाथी खेतों में आते हैं और फसलों को बर्बाद कर देते हैं। उनके आतंक से लोग परेशान हैं। लेकिन वन विभाग इस मसले पर कुछ नहीं कर रहा है। इधर ग्राम प्रधान उमा रैक्ववाल ने कहा कि वन विभाग मौके पर आकर हालात का जायजा ले और जिन किसानों की फसल बर्बाद हुई है उनको मुआवजा दे। कहा कि हालांकि पहले भी कई बार किसानों की फसल को जंगली जानवरों ने बर्बाद किया है लेकिन इसके बाद भी वन विभाग ने मुआवजा देने की जहमत नहीं उठाई।

जंगली जानवरों से बचाव को खाई खोदने की मांग
स्थानीय निवासियों का कहना है कि वन विभाग से कई बार जंगल से सटे इलाकों में खाई खोदने के लिए कहा गया है। जिससे जंगली जानवर आबादी वाले इलाकों में न आएं लेकिन यह मामला केवल फाइलों में सिमट कर रह जाता है। अगर खाई को खोदा जाए तो ग्रामीणों को काफी राहत मिलेगी।

जनहानि का भी खतरा
जंगली जानवरों के आतंक से केवल फसलों को ही नुकसान नहीं पहुंचता है बल्कि कई बार जनहानि भी होती है। पूर्व में कई बार ऐसी घटनाएं हो चुकीं हैं जिसमें जंगली जानवरों के हमले में लोगों की जान भी जा चुकी है।

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