बरेली: पुल की कम हुई लंबाई, कोहाड़ापीर चौराहे तक होगा निर्माण

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। कुतुबखाना में प्रस्तावित फ्लाईओवर को लेकर कुछ बदलाव के साथ निर्माण की कोशिश फिर से तेज हो गई हैं। पुल की डिजाइन से लेकर उसके निर्माण में आने वाले खर्च तक में बदलाव किया जा रहा है। पुल की लंबाई को कम करने से उसकी लागत में करीब 20 करोड़ रुपये के …

बरेली, अमृत विचार। कुतुबखाना में प्रस्तावित फ्लाईओवर को लेकर कुछ बदलाव के साथ निर्माण की कोशिश फिर से तेज हो गई हैं। पुल की डिजाइन से लेकर उसके निर्माण में आने वाले खर्च तक में बदलाव किया जा रहा है। पुल की लंबाई को कम करने से उसकी लागत में करीब 20 करोड़ रुपये के खर्च में भी कमी आएगी। इससे पुल के निर्माण को लेकर उम्मीद फिर से जाग गई है।

स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत कुतुबखाना फ्लाईओवर का निर्माण पहले 136 करोड़ रुपये से स्वीकृत था और इसकी लंबाई को 1577 मीटर रखा गया था। यह पुल कोहाड़ापीर पर नैनीताल रोड से उठकर कुतुबखाना चौराहा होते हुए कोतवाली के सामने उतारा जाना था। अब यह पुल 1377 मीटर लंबा होगा। बरेली स्मार्ट सिटी कंपनी और सेतु निगम के अधिकारियों के बीच बैठक के बाद पुल की लंबाई को कम करने का फैसला लिया गया है। अब यह पुल कोड़ापीर चौराहे पर 200 मीटर पहले उतरेगा।

पहले पुल को कोहाड़ापीर चौराहे से नैनीताल रोड की तरफ उतारने की योजना बनी थी। कोहाड़ापीर चौराहा वाईशेप है। पुल नैनीताल रोड की तरफ उतरता तो धर्मकांटे से भारत सेवा ट्रस्ट वाली सड़क से आने वाले वाहनों को पुल के नीचे से गुजरना पड़ा, लेकिन अब ऐसा नहीं करना पड़ेगा। कुतुबखाना पुल की लंबाई कम होते ही एस्टीमेट भी 136 से घटकर 118 करोड़ रहे गया है। यानी 18 करोड़ रुपये बजट से कम हो गए है।

पहले काफी हुआ था विरोध
कुतुबखाना में फ्लाईओवर का प्रस्ताव तैयार होने के साथ स्थानीय व्यापारियों ने लामबंद होकर इसका विरोध किया था। उनका कहना था कि इस फ्लाईओवर का निर्माण हो जाने के बाद शहर के मुख्य बाजार का कारोबार ठप हो जाएगा। यहां इतनी जगह भी नहीं है कि पुल निर्माण के बीच उसके नीचे लोगों के निकलने की जगह मिल सके। इसके बाद इस पुल के निर्माण को लेकर कवायद ठप हो गई थीं।

नगर आयुक्त व सीईओ बरेली स्मार्ट सिटी कंपनी अभिषेक आनंद ने बताया कि कुतबखाना ओवरब्रिज की लंबाई और बजट को कम किया गया है। पुल को नैनीताल रोड से पहले उतारा जाएगा। इससे दोनों रास्तों को पुल से जोड़ा जाएगा।

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