यूपी: शिक्षा मित्रों के मानदेय मामले पर मायावती ने कसा तंज, कहा- ये तो कांग्रेसी कल्चर है
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहती है और हर मुद्दे पर अपना पक्ष खुल कर रखती हैं। इस कड़ी में आज एक बार फिर बसपा सुप्रीमों मायवाती ने शिक्षा मित्रों के मानदेय बढ़ाये जानें के मुद्दे पर अपना पक्ष रखते …
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहती है और हर मुद्दे पर अपना पक्ष खुल कर रखती हैं। इस कड़ी में आज एक बार फिर बसपा सुप्रीमों मायवाती ने शिक्षा मित्रों के मानदेय बढ़ाये जानें के मुद्दे पर अपना पक्ष रखते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तंज कसा।
इस मुद्दे पर मायावती ने ट्वीट में लिखा, ”अगर यह खबर सही है कि यूपी में विधानसभा चुनाव से पहले बढ़ सकता है शिक्षा मित्रों का मानदेय तो यह काफी विलम्ब से उठाया गया कदम है जो यह कार्य बहुत पहले हो जाना चाहिए था। जबकि चुनाव के नजदीक ऐसे फैसले करना कांग्रेसी कल्चर रहा है जिस पर अब भाजपा भी चल रही है। जनता यह सब समझती है।”
1. अगर यह खबर सही है कि यूपी में विधानसभा चुनाव से पहले बढ़ सकता है शिक्षा मित्रों का मानदेय तो यह काफी विलम्ब से उठाया गया कदम है जो यह कार्य बहुत पहले हो जाना चाहिये था जबकि चुनाव के नजदीक ऐसे फैसले करना कांग्रेसी कल्चर रहा है जिसपर अब भाजपा भी चल रही है। जनता यह सब समझती है।
— Mayawati (@Mayawati) July 26, 2021
इसके साथ ही मायावती ने एक और ट्वीट किया और अपनी पार्टी का जिक्र करते हुए लिखा, ”बीएसपी की कार्यशैली ऐसी संकीर्ण चुनावी सोच से हमेशा अलग व पाक-साफ रही है। इसी कारण सन् 2007 में सरकार बनते ही हमने अपरकास्ट की भर्ती पर लगी रोक को तुरन्त हटाया जिससे फिर इस पूरे समाज को भरपूर लाभ हुआ तथा उन्हें यहां वर्षों बाद बड़ी संख्या में सरकारी नौकरी मिली।”
गौरतलब है कि वर्तमान समय में शिक्षा मित्रों को 10 हजार रुपए मानदेय मिलता है। बेसिक शिक्षा विभाग ने सरकार को 1.46 लाख शिक्षा मित्रों को दिए जा रहे मानदेय, सरकार पर वित्तीय भार समेत पूरा ब्यौरा दे दिया है। सूत्रों के मुताबिक, योगी सरकार विधानसभा चुनाव से पहले शिक्षा मित्रों के मानदेय में दो से चार हजार रुपए तक की बढ़ोतरी कर सकती है।
