यूपी में स्‍वास्‍थ्‍य व्यवस्था ठप, हड़ताल पर गए एंबुलेंस कर्मी, जानें क्या है इनकी मांगे

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आज सोमवार को स्वास्थ्य व्यवस्था उस वक्त चरमरा गई जब अपने 6 सूत्रीय मांगो को लेकर स्‍वास्‍थ्‍यकर्मियों के साथ-साथ 102 और 108 एम्बुलेंस के कर्मचारी भी हड़ताल पर चले गए। प्रदेश के कई जिलों के एंबुलेंस कर्मियों के हड़ताल पर जाने की वजह से पूरे प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ …

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आज सोमवार को स्वास्थ्य व्यवस्था उस वक्त चरमरा गई जब अपने 6 सूत्रीय मांगो को लेकर स्‍वास्‍थ्‍यकर्मियों के साथ-साथ 102 और 108 एम्बुलेंस के कर्मचारी भी हड़ताल पर चले गए। प्रदेश के कई जिलों के एंबुलेंस कर्मियों के हड़ताल पर जाने की वजह से पूरे प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ टूट गई। बता दें कि 108 व 102 एम्बुलेंस के कर्मचारियों ने छह सूत्री मांगों को पूरा किए जाने की मांगों को लेकर आज प्रदेश के विभिन्न जिलों में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। एम्बुलेंस कर्मियों ने मांगे पूरी न होने पर कार्य बहिष्कार कर दिया है।

वेस्ट यूपी के कई जिलों में जहां कर्मचारियों ने करीब 100 से ज्यादा एंबुलेंस मेडिकल में खड़ी कर दी हैं, वहीं कई अन्य जिलों में अपनी मांगों को लेकर एम्बुलेंस चालक धरने पर बैठ गए। हड़ताल के चलते आजमगढ़, वाराणसी सहित प्रदेश के कई जिलों में एंबुलेंस सेवा बंद है। इससे मरीजों और उनके परिवारीजनों में हाहाकार मचा हुआ है। मेरठ में कर्मचारी समायोजन, समान कार्य व समान वेतन जैसी मांगों को लेकर एम्बुलेंस कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में मृतक कर्मियों को बीमा राशि 50 लाख रुपये की सहायता राशि सरकार के द्वारा दी जाए।

सभी एंबुलेंस कर्मचारियों को प्रति वर्ष महंगाई भत्ता दिया जाए। कर्मियों को यथा स्थिति नौकरी पर रखा जाए। बता दें कि एंबुलेंस कर्मियों ने रविवार रात 12:00 बजे विभिन्न जिलों में एंबुलेंस खड़ी कर दी। एंबुलेंस कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष हनुमान पांडे एवं संगठन मंत्री नीतीश कुमार ने बताया कि एंबुलेंस कंपनी प्रबंधन, एनएचएम और संघ के बीच बातचीत हुई लेकिन निष्कर्ष नहीं निकला।

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