हरदोई: पूरे दिन थमे रहे एंबुलेंस के पहिए, गर्भवती महिलाओं को उठानी पड़ी परेशानियां

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Edited By Amrit Vichar
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हरदोई। विभिन्न मांगों को लेकर एंबुलेंस की प्रदेश व्यापी हड़ताल के चलते मरीजों को काफी असुविधा उठानी पड़ी वहीं गर्भवती महिलाओं को सबसे अधिक मुश्किलों का सामना करना पड़ा । दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली प्रसूताओं को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। बताते चलें एंबुलेंस कर्मचारियों ने अपने एएलएस में समायोजित करने। …

हरदोई। विभिन्न मांगों को लेकर एंबुलेंस की प्रदेश व्यापी हड़ताल के चलते मरीजों को काफी असुविधा उठानी पड़ी वहीं गर्भवती महिलाओं को सबसे अधिक मुश्किलों का सामना करना पड़ा । दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली प्रसूताओं को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। बताते चलें एंबुलेंस कर्मचारियों ने अपने एएलएस में समायोजित करने। एंबुलेंस में चल रही ठेका प्रथा को समाप्त करने । करोना कॉल के दौरान शहीद हुए एंबुलेंस कर्मियों के परिजनों को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान करने तथा उनके परिजनों को सरकारी नौकरी देने की मांग को लेकर सोमवार को हड़ताल रखी।

जीवनदायिनी एएलएस एंबुलेंस कर्मचारी संघ के बैनर तले जिले के एंबुलेंस चालकों ने शाहजहांपुर रोड पर स्थित एक बाग में जिले भर की सारी एंबुलेंस को खड़ा कर दिया। एंबुलेंस के पहिए थमने से मरीजों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ी दूर-दराज से आने वाली प्रसूताओं को चिकित्सालय तक पहुंचने में काफी दिक्कतें हुई । एंबुलेंस की हड़ताल का फायदा उठाकर टैक्सी वालों व अन्य वाहन चालकों ने मरीजों के तीमारदारों की जमकर जेब काटी। एंबुलेंस के अभाव में कई मरीजों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ी। कस्बा शाहाबाद में गोली लगने से घायल व्यक्ति को चिकित्सालय तक पहुंचने में काफी समय लग गया। जिसके चलते उसकी मृत्यु हो गई।

बताते चलें जिले के दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों से दर्जनों पर सोता है । जिला मुख्यालय पर स्थित जिला महिला चिकित्सालय में पहुंचती हैं । एंबुलेंस के अभाव में ऐसी प्रसूताओं को काफी दिक्कतें उठानी पड़ी । जहां लोग प्राइवेट वाहनों से अधिक पैसा खर्च कर स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचे वहीं कई जगह पर प्राइवेट वाहनों को भारी जाम का भी सामना करना पड़ा। जिसमें मरीजों को और भी असुविधा हुई एंबुलेंस के सायरन के चलते भीड़ भाड़ में भी लोग रास्ता खाली कर देते हैं। लेकिन प्राइवेट वाहनों के जाम में फंसने से चिकित्सालयों में पहुंचे मरीजों की हालत और भी बिगड़ गई।

प्रदर्शन कर रहे एंबुलेंस कर्मियों ने कहा कि उन से काम अधिक लिया जाता है। उस हिसाब से उनका मानदेय कम है यही नहीं करोना कॉल में एंबुलेंस कर्मचारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर हजारों लोगों की जान बचाई लोगों की जान बचाने में कई एंबुलेंस कर्मी शहीद भी हो गए। लेकिन सरकार ने अभी तक किसी भी कर्मी के परिजन को आर्थिक सहायता नहीं पहुंचाई है। जिससे उनके परिजनों के सामने काफी दिक्कतें पैदा हो रही हैं। एंबुलेंस कर्मियों ने कहा कि वह मरीजों का दर्द समझते हैं लेकिन कई बार सरकार से आग्रह करने के बावजूद उनकी मांगों पर सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही है। इस कारण एंबुलेंस कर्मियों को चक्का जाम करने का निर्णय लेना पड़ा।

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