संभल: प्रेमी संग मिल कर बेटी ने ही कराई थी पिता की हत्या, आरोपी प्रेमी-प्रेमिका गिरफ्तार
संभल/रजपुरा,अमृत विचार। थाना मुटैना गांव में 20 जुलाई को हरपाल का शव सत्यपाल के खेत में खड़े शहतूत के पेड़ से लटका मिला था। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पेड़ से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। पुलिस और गांव वालों को भी पिता की मौत पर रो रही …
संभल/रजपुरा,अमृत विचार। थाना मुटैना गांव में 20 जुलाई को हरपाल का शव सत्यपाल के खेत में खड़े शहतूत के पेड़ से लटका मिला था। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पेड़ से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। पुलिस और गांव वालों को भी पिता की मौत पर रो रही बेटी के हाव-भाव ठीक नहीं लगे थे। पुलिस ने बेटी की भूमिका को संदिग्ध मानकर जांच कर शुरू कर दी थी।
मंगलवार को पुलिस ने घटना का पटाक्षेप करते हुये बेटी और उसके प्रेमी को गिरफ्ता कर लिया। जबकि प्रेमी का दोस्त फरार है। प्रेमी-प्रेमिका ने हत्या की बात कबूल कर ली है। पुलिस ने बेटी और उसके के प्रेमी को जेल भेज दिया है। गांव मुटैना निवासी हरपाल की बेटी प्रीति का काफी सालों जनपद बदायूं के थाना क्षेत्र इस्लाम नगर के गांव पतीसा के रहने वाले धर्मेन्द्र पुत्र भगवान सिंह के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था।
प्रेमिका ने पिता से धर्मेन्द्र से शादी करने की जिद पकड़ ली थी। इस पर बेटी की जिद के आगे मजबूर हरपाल ने शादी की बात चलाई। प्रेमी की तरफ से दहेज में दस बीघा जमीन लेने की बात सामने आई और इस पर पिता हरपाल ने साफ इंकार कर दिया। प्रीति के दिमाग पर इश्क का भूत सवार था। काफी बार प्रीति के आग्रह करने पर पिता ने बेटी को खरी-खोटी सुना दी थी। इस बात को लेकर पिता-पुत्री में पिछले कई दिनों से बोलचाल भी बंद थी।
प्रीति ने प्रेमी धर्मेन्द्र और उसके दोस्त गौरव के साथ मिलकर पिता की हत्या की साजिश रच डाली। 19 जुलाई की रात हरपाल रोज की तरह खेत पर गए थे और रात को घर वापस नहीं आए। सुबह जब घर वालों ने खेत पर जाकर देखा तो बराबर में गांव के ही सत्यपाल के खेत में शहतूत के पेड़ में बंधे गमछे से हरपाल का शव लटका मिला। सूचना मिलते ही मौके पर पूरा गांव जमा हो गया। परिवार वालों का रो रोकर बुरा हाल था।
सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने सबसे पहले पेड़ से लटके शव को नीचे उतारा और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौके पर मौजूद कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ने मृतक हरपाल की पत्नी राजवती और बेटी प्रीति से पूछताछ ककी तो बेटी के बात करने पर पुलिस को शक हुआ और पुलिस की जांच वहीं से शुरू हो गई। पुलिस ने प्रीति के मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवा कर देखा तो घटना से एक दिन पहले पूरे दिन और पूरी रात धर्मेन्द्र के फोन से वार्ता की डिटेल मिली।
बस पुलिस ने धर्मेन्द्र और प्रीति के पीछे मुखबिर लगा दिये। 27 जुलाई की सुबह को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर गवां के संभल तिराहे से बाहर जाते वक्त धर्मेन्द्र और प्रीति को पकड़ लिया और उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल लोहे के सरिए को भी बरामद कर दोनों को जेल भेज दिया। जबकि हत्यारोपी गौरव पुत्र रामरक्ष अभी तक फरार चल रहा है।
