SCO Meet: राजनाथ सिंह बोले- आतंकवाद का समर्थन करना मानवता के खिलाफ

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नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में सभी तरह के आतंकवाद का डटकर मुकाबला करने के भारत के संकल्प को दोहराते हुए सदस्य देशों से कहा है कि क्षेत्र में शांति और समृद्धि के लिए आतंकवाद का खात्मा जरूरी है। राजनाथ सिंह ने बुधवार को ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे …

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में सभी तरह के आतंकवाद का डटकर मुकाबला करने के भारत के संकल्प को दोहराते हुए सदस्य देशों से कहा है कि क्षेत्र में शांति और समृद्धि के लिए आतंकवाद का खात्मा जरूरी है।

राजनाथ सिंह ने बुधवार को ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में संगठन के सदस्य देशों के रक्षा मंत्रियों की वार्षिक बैठक को संबोधित करते हुए कहा, “अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए आतंकवाद सबसे गंभीर खतरा है। किसी भी तरह का आतंकवाद या आतंकवादी गतिविधि को समर्थन देना, जिसमें सीमा पार आतंकवाद भी शामिल है, चाहे वह किसी के द्वारा भी किया गया हो और किसी भी मकसद से किया गया हो, मानवता के खिलाफ बहुत बड़ा अपराध है।”

रक्षा मंत्री इस बैठक में भाग लेने के लिए तीन दिन की यात्रा पर मंगलवार को दुशांबे पहुंचे। उन्होंने जोर देकर कहा कि क्षेत्र में सदस्य देशों के बीच सुरक्षा के मामले में परस्पर समन्वय तथा विश्वास कायम होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत संगठन के सदस्य देशों के बीच विश्वास तथा समानता, परस्पर सम्मान और आपसी समझ बूझ के आधार पर संबंधों को पुख्ता करने को सबसे अधिक प्राथमिकता देता है।

राजनाथ सिंह ने यूरेशिया क्षेत्र में भारत के हितों पर बल देते हुए संगठन के फ्रेमवर्क के तहत क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने की दिशा में काम करने के संकल्प को दोहराया। राजनाथ सिंह ने कहा कि कोविड महामारी एक नई चुनौती के रूप में सामने आई है और इससे सभी देश, नागरिक समाज और नागरिक कई तरह से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह एक चेतावनी है कि किस तरह से गैर पारंपरिक सुरक्षा चुनौती जैसे की महामारी , जलवायु परिवर्तन , खाद्य सुरक्षा, पानी की कमी और इससे संबंधित समस्याएं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य को प्रभावित कर सकती हैं।

रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत संगठन के सदस्य देशों के साथ संयुक्त रूप से संस्थागत क्षमताओं को बढ़ाने और सहयोग को मजबूत बनाने तथा लोगों के बीच परस्पर संपर्क को बढ़ाने की दिशा में काम करने को तैयार है। बैठक से इतर श्री सिंह ने रूस के अपने समकक्ष के साथ द्विपक्षीय बैठक की तथा रक्षा क्षेत्र में साझेदारी को और मजबूत बनाने के बारे में बात की। उन्होंने बेलारूस के रक्षा मंत्री से भी बात की।

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