मऊ: सात एंबुलेंसकर्मी बर्खास्त, प्रदर्शनकारियों ने तेज की धार, कंपनी पर लगाया बड़ा आरोप

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Edited By Amrit Vichar
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मऊ। मऊ में जारी एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल अब और धारदार होती दिख रही है। दरसअल काम पर न लौटने के वजह से सात एंबुलेंस कर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया। जिसकी सूचना मिलने के बाद धरने पर बैठे अन्य एंबुलेंस कर्मियों ने प्रदर्शन की धार को और तेज कर दिया। मांग किया है अभी …

मऊ। मऊ में जारी एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल अब और धारदार होती दिख रही है। दरसअल काम पर न लौटने के वजह से सात एंबुलेंस कर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया। जिसकी सूचना मिलने के बाद धरने पर बैठे अन्य एंबुलेंस कर्मियों ने प्रदर्शन की धार को और तेज कर दिया। मांग किया है अभी तक कंपनी से कर्मी अपनी छह मांगों को लेकर धरना दे रहे थे लेकिन अब जब तक उनके बर्खास्त सहयोगियों की बहाली नहीं होती है तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।

दूसरी ओर सीएमओ कार्यालय में जारी धरना के चौथे दिन भी कंपनी ने किसी भी कर्मी से बात नहीं की। इधर, एंबुलेंस के बंद होने से जनपद में स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित होने लगी हैं। हालांकि लोगों की समस्या को देखते हुए एंबुलेंस कर्मियों ने बुधवार को सात और एंबुलेंस को कार्य में लगा दिया। इससे जिले के सभी नौ ब्लाक सहित जिले पर दो एंबुलेंस कार्य में लग गए हैं, जबकि अन्य 42 एंबुलेंस के पहिए अभी भी जाम हैं।

धरनास्थल पर बुधवार को भारी पुलिस बल भी तैनात रही। एंबुलेंसकर्मी विकास मिश्रा ने बताया कि जनपद में इस समय 102 और 108 नंबर के कुल 53 एंबुलेंस संचालित हैं। सभी एंबुलेंसकर्मियों की नियुक्ति जीवीकेइएमआरआइ कंपनी ने की है। कंपनी कर्मियों पर प्रतिदिन 30 से 40 केस देने का दबाव बना रही है। इसके चलते कर्मचारियों को फर्जी केस दिखाकर बिना वजह एंबुलेंस चलाना होता है।

इसी बीच यदि किसी जरूरतमंद को एंबुलेंस की आवश्यकता होती है तो उसे घंटों इंतजार करना होता है। कंपनी के इस फर्जीवाड़े से सभी लोग परेशान हो चुके हैं। कर्मचारी इसे वापस लेने की मांग कर रहे है। मांगों पर विचार नहीं होने के बाद से सभी कर्मियों ने 26 जुलाई को कोपागंज के बापू इंटर कालेज में एंबुलेंस को खड़ी कर दिया था।

वहीं मंगलवार की देर रात प्रशासन ने दबाव देकर सभी एंबुलेंस को सीएमओ कार्यालय में खड़ी करवा दिया है। कंपनी कर्मचारियों से बात करने के बजाय सभी लोगों पर मुकदमा कर रही है। कहा कि धरना के चौथे दिन तक कंपनी की तरफ से कोई बात करने नहीं आया है। जर्नादन चौहान, स्वपनिल, राकेश चौहान, अनिल कुमार दूबे, मनोज कुमार, सुनील कुमार, राजकुमार, दिनेश, रामप्रसाद, शशिकांत सहित अनेक एंबुलेंसकर्मी थे।

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