टनकपुर: स्वाला में मलबा हटा तो भारतोली में बना रोड़ा

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टनकपुर, अमृत विचार। टनकपुर- पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग छठे दिन भी नहीं खुल पाया, जिससे पर्वतीय और मैदानी क्षेत्र को आने जाने वाले यात्रियों को दिक्कतें उठानी पड़ रही है। वही स्वाला में बुधवार की शाम सात बजे सड़क खोलने के बाद फिर से मलबा आ गया। इधर पूर्णागिरि मार्ग 11 दिन बाद भी नहीं खुल …

टनकपुर, अमृत विचार। टनकपुर- पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग छठे दिन भी नहीं खुल पाया, जिससे पर्वतीय और मैदानी क्षेत्र को आने जाने वाले यात्रियों को दिक्कतें उठानी पड़ रही है। वही स्वाला में बुधवार की शाम सात बजे सड़क खोलने के बाद फिर से मलबा आ गया। इधर पूर्णागिरि मार्ग 11 दिन बाद भी नहीं खुल पाया। गुरुवार की सुबह 10:15 बजे सड़क सुचारू हुई लेकिन 12:16 बजे फिर से मलबा आने से जाम लग गया।

दोपहर दो बजे मलबा हटाकर टनकपुर से लोहाघाट तक वाहनों की आवाजाही सुचारू कर दी गई है। उधर भारतोली के पास आए मलबे से लोहाघाट से पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग छठे दिन भी नहीं खुल पाया है। दोपहर बाद हुई बारिश के कारण सड़क खोलने के काम में दिक्कत पैदा हो गई। बाराकोट के घाट से लेकर टनकपुर के टिपनटॉप तक कई स्थानों पर लगातार बोल्डर और मलबा गिरने का सिलसिला जारी है।

बुधवार की शाम स्वाला में मलबा हटाकर 105 घंटे बाद वाहनों की आवाजाही शुरू हुई लेकिन 15 मिनट बाद ही फिर से मलबा आ गया। गुरुवार को सड़क खुलने और बंद होने का क्रम लगातार जारी रहा। इस दौरान यात्रियों को काफी अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। स्वाला में दोपहर दो बजे सड़क को सुचारू किया गया। अभी भी लगातार मलबा गिरने से रोड के बंद होने की संभावना बनी हुई है। भारतोली में बुधवार से तीन जेसीबी और पोकलैंड मशीनें लगातार मलबा हटाने में जुटी हैं लेकिन सड़क नहीं खुल पाई है। एनएच के ईई एलडी मथेला ने बताया कि भारतोली के पास मलबा हटाने का काम जारी है।

बताया कि जल्दी ही मलबा हटाकर पूरे एनएच को सुचारू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। स्वाला के पास 24 जुलाई की सुबह 11 बजे पहाड़ी दरकने से मलबा आ गया था। जबकि भारतोली में तीन दिन से सड़क बंद है। बीच में दो दिन कार्यदायी संस्थाओं ने काम रोक दिया जिसकी वजह से आवागमन सुचारू होने में देरी हो गई। अभी भी यात्रियों को मैदानी क्षेत्र टनकपुर जाने के लिए हल्द्वानी होते हुए और पिथौरागढ़ जाने के लिए अल्मोड़ा होते हुए निकलना पड़ रहा है।

सब्जी किराना और अन्य जरूरी सामान भी देवीधुरा के रास्ते लाया जा रहा है। इससे सब्जी की कीमत 30 से 40 प्रतिशत बढ़ गई है। तीन दिन से जिले में पेट्रोल और डीजल की कमी बनी हुई है। जिले की चार ग्रामीण सड़कें अभी नहीं खोली नहीं जा सकी है। वही टनकपुर-पूर्णागिरि मार्ग 11वें दिन भी नहीं खुल पाया है जिससे मां पूर्णागिरि धाम में पैदल आ रहे श्रद्धालुओं को भारी दिक्कतें झेलनी पड़ रही है। लोनिवि द्वारा बनाया गया वैकल्पिक मार्ग भी भूस्खलन से ध्वस्त हो गया है। प्रशासन द्वारा पूर्णागिरि मार्ग में आवाजाही पर रोक लगाने के बाद भी कई श्रद्धालुओं व क्षेत्र के लोग खतरनाक मार्ग से ही जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं। समाचार लिखे जाने तक टनकपुर पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह से नहीं खुल पाया था।

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