बरेली: वर्तमान सर्किल रेट में रबर फैक्ट्री की भूमि का मूल्यांकन बताएं

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बरेली, अमृत विचार। राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मूल्यांकन करने के बाद अब जिला प्रशासन भी 1999 से बंद पड़ी रबर फैक्ट्री (सिंथेटिक एवं केमिकल्स)की 1380.23 एकड़ भूमि का मूल्यांकन कराएगा। पहले मूल्यांकन में करीब साढ़े बारह अरब रुपए की कीमत सामने आयी थी। जिलाधिकारी नितीश कुमार ने वर्तमान सर्किल रेट के अनुसार फैक्ट्री की …

बरेली, अमृत विचार। राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मूल्यांकन करने के बाद अब जिला प्रशासन भी 1999 से बंद पड़ी रबर फैक्ट्री (सिंथेटिक एवं केमिकल्स)की 1380.23 एकड़ भूमि का मूल्यांकन कराएगा। पहले मूल्यांकन में करीब साढ़े बारह अरब रुपए की कीमत सामने आयी थी।

जिलाधिकारी नितीश कुमार ने वर्तमान सर्किल रेट के अनुसार फैक्ट्री की भूमि कितने मूल्य की है, इसका सही आकलन कर रिपोर्ट देने के लिए उप निबंधन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। बताते हैं कि भूमि पर औद्योगिक गतिविधियां भी संचालित करने की भी कार्ययोजना बनायी जा रही है। डीएम ने श्रम विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि फैक्ट्री कर्मचारियों की सही देनदारी क्या है इसकी रिपोर्ट दें। 2010 तक किन अभिलेखों के तहत 201.15 करोड़ रुपए की देनदारी बतायी, इस बारे में भी अभिलेखों के सहित रिपोर्ट मांगी है।

रबर फैक्ट्री की भूमि की देनदारी देने को लेकर शासन अभी से तैयारी कर रहा है। बाम्बे हाईकोर्ट में शासन मजबूत पैरवी कर रहा है। 50 प्रतिशत केस सरकार के पक्ष में है और अगली सुनवाई में अभिलेखों के आधार पर केस का रुख सरकार के पक्ष में आने की बात कही जा रही है क्योंकि, सरकार ने मुंबई के सेठ किला चंद के साथ 1960 में हुए समझौते के आधार पर अभिलेखों सहित ऐसी रिपोर्ट तैयार की है जिसमें बिंदुवार सबकुछ स्पष्ट लिखा है कि फैक्ट्री बंद होने के बाद उसी कीमत पर भूमि राज्य सरकार के अधीन वापस आ जाएगी।

सोमवार को हुई बैठक में जिलाधिकारी ने उप निबंधन, श्रम और वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों के साथ रबर फैक्ट्री की देनदारियों के संबंध में चर्चा की जिसमें वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों से पूछा कि मूलधन से चार गुना कैसे ब्याज की धनराशि बन गयी। तब बताया कि हर साल 15 प्रतिशत का ब्याज लगाया गया। फैक्ट्री पर वाणिज्यकर विभाग 2725.52 लाख रुपए मूलधन था, जिसका अब 10725.66 लाख रुपए का ब्याज बन गया है।

इधर, फैक्ट्री प्रकरण की पैरवी कराने के लिए नोडल अधिकारी बनाए गए अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व मनोज कुमार पांडेय ने बताया कि फैक्ट्री की भूमि का मूल्यांकन कराने के जिलाधिकारी निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी की बैठक में देनदारियों की रकम और उसके अभिलेख कितने सही हैं, इस पर चर्चा की गयी थी।

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