बरेली: 1457 बैनामों के स्टांपवाद में 151 निस्तारित, 50 करोड़ का राजस्व फंसा
बरेली, अमृत विचार। भू-संपत्तियों के बैनामों की जांच में बड़े-बड़े खेल पकड़े जा चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2020-21 में स्टांप शुल्क चोरी करने के 1457 मामलों में स्टांपवाद दर्ज किए गए। जून 2021 तक 151 स्टांपवाद निस्तारित हुए हैं। निस्तारण की प्रक्रिया ढीली होने की वजह से 50 करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व कागजों …
बरेली, अमृत विचार। भू-संपत्तियों के बैनामों की जांच में बड़े-बड़े खेल पकड़े जा चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2020-21 में स्टांप शुल्क चोरी करने के 1457 मामलों में स्टांपवाद दर्ज किए गए। जून 2021 तक 151 स्टांपवाद निस्तारित हुए हैं। निस्तारण की प्रक्रिया ढीली होने की वजह से 50 करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व कागजों में फंसा है। इससे एक ओर भू-संपत्ति खरीदने वाले परेशान हैं, वहीं सरकार को भी राजस्व का नुकसान झेलना पड़ रहा है।
एक सप्ताह पहले स्टांपवादों की कमिश्नरी में समीक्षा हुई, जिसमें उपरोक्त स्थिति के सामने आने के बाद मंडलायुक्त ने सभी जनपदों के अधिकारियों को स्टांपवादों को 90 दिन के अंदर निस्तारित करने के निर्देश दिए। सूत्रों ने बताया कि अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि 10 सबसे अधिक धनराशि और सबसे पुराने स्टांपवादों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करें।
बरेली में सर्वाधिक स्टांपवाद लंबित, 30 करोड़ रुपए के हैं मामले
बरेली में जून, 2021 तक कुल 376 स्टांपवाद में से 56 ही निस्तारित किए गए। माह के अंत में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के न्यायालय में 223, सहायक आयुक्त स्टांप के न्यायालय में 58 स्टांपवाद लंबित हैं। करीब 3007.18 लाख रुपए स्टांप शुल्क चोरी के मामले लंबित हैं। 90 दिन में 90 स्टांपवादों का निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं। 10 सबसे अधिक धनराशि और सबसे पुराने स्टांप वादों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बदायूं में 757.04 लाख रुपए स्टांप शुल्क के मामले लंबित
बदायूं में जून माह में 288 स्टांपवादों के सापेक्ष 37 स्टांपवादों का ही निस्तारण हुआ। इस माह के अंत तक जिलाधिकारी के न्यायालय में 110, अपर जिलाधिकारी के न्यायालय में 107 और सहायक आयुक्त स्टांप के न्यायालय में 52 स्टांपवाद निस्तारण के लिए अवशेष हैं। करीब 757.04 लाख रुपए स्टांप शुल्क चोरी के मामले लंबित हैं।
शाहजहांपुर में 335 स्टांपवाद के सापेक्ष 13 ही निस्तारित
शाहजहांपुर में जून तक 335 स्टांपवाद के सापेक्ष 13 ही निस्तारित हुए। इस माह के अंत तक जिलाधिकारी न्यायालय में 25, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व न्यायालय में 108 और सहायक आयुक्त स्टांप के न्यायालय में 151 स्टांपवाद लंबित हैं। करीब 714.25 लाख रुपए स्टांप शुल्क चोरी के मामले लंबित हैं।
पीलीभीत में 556.45 लाख रुपए फंसे
पीलीभीत में जून तक 458 स्टांपवादों के सापेक्ष 45 ही निस्तारित हुए। जबकि जिलाधिकारी के न्यायालय में 131, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के न्यायालय में 116, सहायक आयुक्त स्टांप के न्यायालय में 166 स्टांपवाद निस्तारण के लिए अवशेष हैं। 556.45 लाख रुपए के स्टांप शुल्क चोरी के मामले फंसे हैं।
वार्षिक लक्ष्य प्राप्ति में बरेली जनपद सबसे पिछड़ा
बरेली का वार्षिक लक्ष्य 49408 लाख रुपए है। जिसके सापेक्ष जून माह तक 7162.93 लाख रुपए के राजस्व की प्राप्ति हुई है। वार्षिक लक्ष्य का महज 14.50 प्रतिशत ही कार्य हुआ है। शाहजहांपुर जनपद का वार्षिक लक्ष्य 20722 लाख रुपए का निर्धारित किया गया है। जून माह तक महज 5256.12 लाख रुपए के राजस्व की प्राप्ति हुई है जो कि वार्षिक लक्ष्य का 25.36 प्रतिशत है। पीलीभीत का वार्षिक लक्ष्य 12424 लाख रुपए निर्धारित है। इसके सापेक्ष जून माह तक 2014.69 लाख रुपए के राजस्व की प्राप्ति हुई है। वार्षिक लक्ष्य का 16.22 प्रतिशत है।
बदायूं के लिए यूपीडा बना मददगार, राजस्व बढ़ाया
बदायूं का वार्षिक लक्ष्य 16579 लाख रुपए निर्धारित है। जिसके सापेक्ष जून माह तक 5372.93 लाख रुपए की प्राप्ति हुई है। वार्षिक लक्ष्य का 32.41 प्रतिशत है। जनपद बदायूं एक पिछड़ा क्षेत्र है। जनपद में गंगा एक्सप्रेस-वे (यूपीडा) के अंतर्गत हो रहे बैनामों से ही जनपद में राजस्व बढ़ा है। बदायूं में क्रमिक लक्ष्य यूपीडा के बैनामे कराने से पूरा हुआ है।
