हल्द्वानी: हिमालयी राज्यों में उत्तराखंड में कोरोना मृत्यु दर सबसे ज्यादा
नरेन्द्र देव सिंह, हल्द्वानी। कोरोना संक्रमण ने हिमालयी राज्यों में जमकर कहर ढहाया। पहाड़ों में लचर स्वास्थ्य सेवाओं के तौर पर पहचान रखने वाले उत्तराखंड में कोरोना की वजह मृत्यु दर किसी भी हिमालयी राज्य में सबसे ज्यादा है। जबकि अन्य हिमालयी राज्यों की स्थिति उत्तराखंड से कहीं बेहतर है। उत्तराखंड में कोरोना से अभी …
नरेन्द्र देव सिंह, हल्द्वानी। कोरोना संक्रमण ने हिमालयी राज्यों में जमकर कहर ढहाया। पहाड़ों में लचर स्वास्थ्य सेवाओं के तौर पर पहचान रखने वाले उत्तराखंड में कोरोना की वजह मृत्यु दर किसी भी हिमालयी राज्य में सबसे ज्यादा है। जबकि अन्य हिमालयी राज्यों की स्थिति उत्तराखंड से कहीं बेहतर है।
उत्तराखंड में कोरोना से अभी तक 7366 लोगों की मौत हो चुकी है। अब तक यहां कोरोना के 342283 मामले सामने आ चुके हैं। करीब एक करोड़ की आबादी वाले राज्य के लिए यह संख्या काफी ज्यादा है। दूसरी लहर की दौरान कोरोना की वजह से काफी मरीजों की मौत हुई। माना जाता है कि यह सरकारी आंकड़े हैं असल आंकड़े इससे भी ज्यादा भयावह हो सकते हैं। यहां प्रति कोरोना के सौ मरीजों पर मृत्यु दर 2.2 प्रतिशत रही है। दूसरी लहर के दौरान मृत्यु दर करीब पांच प्रतिशत तक रही। हिमालयी राज्यों में सबसे अच्छी स्थिति मिजोरम की है। यहां पर कोरोना मरीजों की मृत्यु दर केवल 0.4 प्रतिशत है जबकि पड़ोसी राज्य में हिमाचल में यह दर 1.7 प्रतिशत है।
12 हिमालयी राज्यों में कोरोना संक्रमण की मृत्यु दर
राज्य प्रति 100 मरीज पर मृत्यु दर
उत्तराखंड 2.2 प्रतिशत
नागालैंड 2.1 प्रतिशत
हिमाचल 1.7 प्रतिशत
मेघालय 1.7 प्रतिशत
मणीपुर 1.6 प्रतिशत
जम्मू-कश्मीर 1.4 प्रतिशत
सिक्किम 1.3 प्रतिशत
लद्दाख 1.1 प्रतिशत
त्रिपुरा 1.0 प्रतिशत
आसाम 0.9 प्रतिशत
अरूणाचल 0.5 प्रतिशत
मिजोरम 0.4 प्रतिशत
(आंकड़े केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग के अनुसार )
