हल्द्वानी: अब नहीं डराएंगे पुलिस वाले अंकल
हल्द्वानी, अमृत विचार। बाल संरक्षण आयोग के निर्देश पर हल्द्वानी में बाल मित्र थाना खोल दिया गया है। अब बच्चों से जुड़े मामलों में मित्र थाने में ही सुनवाई और कार्रवाई होगी। इस थाने में बच्चों को बिल्कुल घर जैसा माहौल मिलेगा। बच्चों से जुड़े मामलों में सुनवाई करने वाले पुलिस कर्मी सादी वर्दी में …
हल्द्वानी, अमृत विचार। बाल संरक्षण आयोग के निर्देश पर हल्द्वानी में बाल मित्र थाना खोल दिया गया है। अब बच्चों से जुड़े मामलों में मित्र थाने में ही सुनवाई और कार्रवाई होगी। इस थाने में बच्चों को बिल्कुल घर जैसा माहौल मिलेगा। बच्चों से जुड़े मामलों में सुनवाई करने वाले पुलिस कर्मी सादी वर्दी में होंगे।
बाल अपराधों पर अंकुश और बच्चों के लिए भयमुक्त वातावरण बनाने के लिए उत्तराखंड के सभी जिलों में बाल थाने खोले जा रहे हैं। बाल मित्र थाना अलग से बनाने के लिए बाल संरक्षण अधिकार आयोग की अध्यक्ष उषा नेगी ने दो वर्ष पहले ही घोषणा की थी। इस क्रम में हल्द्वानी में भी बाल थाना खुल गया है। इसके लिए सरकार ने एक लाख रुपए दिए हैं। यह थाना हल्द्वानी कोतवाली के पीछे खोला गया है। इसमें 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से संबंधित मामलों में सुनवाई और कार्रवाई होगी। अपराध पीड़ित बच्चों की भी इस थाने में अलग सुनवाई की जाएगी।
अपराध की दुनिया में कदम रखने वाले और गुमशुदा नाबालिगों की बाल मित्र थाना में विशेष काउंसलिंग कराई जाएगी। साथ ही उन्हें बेहतर माहौल देने का प्रयास किया जाएगा। जरूरत के आधार पर अभिभावकों को वकील की व्यवस्था भी की जाएगी। जरूरत पड़ने पर बाल आयोग, वन स्टॉप सेंटर और अस्पतालों से काउंसलर यहां बच्चों की काउंसलिंग भी करेंगे। बच्चों के मन में पुलिस का मनोवैज्ञानिक दबाव न हो, इसके लिए थाने में तैनात अधिकारी और जवान खाकी वर्दी नहीं पहनेंगे।
बाल थाने को दिया प्ले स्कूल का रूप
हल्द्वानी। बाल मित्र थाने को प्ले स्कूल का रूप दिया गया है। इससे पहले यहां पुलिस कर्मियों के बच्चों के लिए डे केयर सेंटर था। यहां बच्चों के लिए कविताएं, कॉमिक्स, कहानी की किताबें हैं। कक्ष की दीवारों पर मनोरंजन के लिए कई कार्टून और पेंटिंग बनाई गई है। इसके साथ ही बच्चों के रहने के लिए बेड की व्यवस्था की गई है। खेलने के लिए खिलौने, टीवी और म्यूजिक सिस्टम है। बच्चों को अपने अधिकारों की जानकारी देने वाले होर्डिग्स लगाए गए हैं। कुर्सी, मेज, वाटर कूलर और अलमारी आदि फर्नीचर है।
बाल मित्र थाना खोल दिया गया है। फिलहाल कोतवाली से कर्मियों की तैनाती की जाएगी। बाल थाने को ऐसा स्वरूप दिया है कि बच्चों में पुलिस को लेकर कोई मनोवैज्ञानिक भय न रहे। वे खुद को घर की तरह सुरक्षित समझें। थाने में बच्चों के लिए कई तरह की सुविधाएं भी दी गईं हैं।
– डॉ जगदीश चंद्र, एसपी सिटी, हल्द्वानी
