कन्नौज: दशकों से अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा गुरसहायगंज, जनता में आक्रोश
कन्नौज। उत्तर प्रदेश के कन्नौज के नगर गुरसहायगंज के बदहाली पर किसी जनप्रतिनिधि सुध नहीं ली जिस को लेकर नगर व क्षेत्र की जनता में भारी आक्रोश है। आपको बताते चलें कि प्रदेश में चाहे भाजपा की सरकार हो या फिर पूर्व की सरकारें रही हो किसी भी सरकार या उनके विधायक या सांसद ने …
कन्नौज। उत्तर प्रदेश के कन्नौज के नगर गुरसहायगंज के बदहाली पर किसी जनप्रतिनिधि सुध नहीं ली जिस को लेकर नगर व क्षेत्र की जनता में भारी आक्रोश है। आपको बताते चलें कि प्रदेश में चाहे भाजपा की सरकार हो या फिर पूर्व की सरकारें रही हो किसी भी सरकार या उनके विधायक या सांसद ने क्षेत्र के विकास लिए रुचि नहीं दिखाई। इस सब नगर के विकास के लिए तत्पर संगठन ग्रेटर गुरसहायगंज डेवलपमेंट एक्शन कमेटी के चेयरमैन सचिन कुमार श्रीवास्तव ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि नगर में विकास कार्य एक दम जीरो है।
यहां ना तो सरकारी डिग्री कॉलेज है और ना ही उच्च स्तरीय अस्पताल यहां की जनता स्वास्थ सेवाओं के लिए कानपुर शहर पर निर्भर रहती है। अच्छे डॉक्टर की कमी मुख्य रूप से महसूस की जाती रही है। नगर झोलाछाप डॉक्टर से भरा पड़ा है। वहीं व्यापारियों के मुद्दे की बात करे तो विगत कई वर्षों से नगर में व्यापरियों, जनता एवं किसानो की सुविधाओं को देखते हुए नगर के व्यापारी कृषि उत्पादन मंदी समिति एवं बस अड्डे के निर्माण की मांग उठाते रहे हैं। लेकिन उसको भी वर्तमान विधायक पूर्व मंत्री अर्चना पांडे ने पूरा नहीं किया।
2017 में उनके द्वारा नगर की जनता से किए गए वादे को पूरा नहीं किया गया। जिसमें उन्होंने गुरसहायगंज मे कृषि उत्पादन मंडी समिति के नव निर्माण एवं संचालन, लंबी दूरी की ट्रेनों के ठहराव, सहित कई अन्य विकास कार्य करने का वादा किया था। नगर की जनता ऐसे वादों के पूरा ना होने पर गुस्सा जाहिर करती रही है। कन्नौज के सांसद सुब्रत पाठक हो या जिले के प्रभारी मंत्री सिर्फ चुनिंदा कार्यक्रम में हिस्सा लेकर वापस निकल जाते हैं। विकास कार्यों पर उनकी उदासीनता नगर में चर्चा की विषय बनी रहती है।
