बनबसा: जड़ से उखाड़ी जाएगी कुरी, फिर लहलहाएंगे जंगल

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बनबसा, अमृत विचार। सीमांत क्षेत्र के जंगल में वन विभाग का कुरी उन्मूलन अभियान शुरू हो गया है। इस दौरान कुरी को वैज्ञानिक पद्धति से नष्ट किया जा रहा है, ताकि वह दोबारा न पनप सके। इसके बाद इन स्थानों पर प्लांटेशन किया जाएगा। बता दें कि सीमांत जंगल में कुरी बहुतायत में है, जिससे …

बनबसा, अमृत विचार। सीमांत क्षेत्र के जंगल में वन विभाग का कुरी उन्मूलन अभियान शुरू हो गया है। इस दौरान कुरी को वैज्ञानिक पद्धति से नष्ट किया जा रहा है, ताकि वह दोबारा न पनप सके। इसके बाद इन स्थानों पर प्लांटेशन किया जाएगा।

बता दें कि सीमांत जंगल में कुरी बहुतायत में है, जिससे जंगल में घनी झाड़ियां हो जाती है। जिस स्थान पर कुरी की झाड़ी होती है वहां पर घास भी नहीं उग पाती। साथ ही विभाग की ओर से रोपे गए पौधे भी नहीं उग पाते हैं। इसे लेकर उच्चाधिकारियों के आदेश पर वन विभाग द्वारा यह अभियान चलाया जा रहा है।

इसके लिए दो दिन पहले एसडीओ शिवराज चंद ने जौलासाल, किलपुरा, सुरई और खटीमा के रेंजर व कर्मचारियों को फील्ड में ले जाकर प्रशिक्षण दिया। शनिवार से कुरी उन्मूलन अभियान शुरू हो गया है। अभी 20 हेक्टेयर में कुरी उन्मूलन चल रहा है। जिसमें दिहाड़ी मजदूर लगाए गए हैं। यह अभियान वन दरोगा संतोष सिंह भंडारी की देखरेख में चल रहा है। जिसमें वन दरोगा महिन गिरी गोस्वामी, भुवन चंद्र कांडपाल, वन बीट अधिकारी दीपक कुमार जुटे हुए हैं।

क्या है वैज्ञानिक पद्धति
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार कुरी की जड़ के पास फावड़े से पांच इंच खोदा जाएगा। इसके बाद उसकी मेन जड़ को काटकर उखाड़ा जाएगा। कुरी को उल्टा करके सुखाने के बाद जला दिया जाएगा।

डीएफओ ने किया निरीक्षण
डीएफओ संदीप कुमार ने रविवार को हुड्डी नदी के किनारे चंदनी बीट के कक्ष संख्या 17 ब में चल रहे कुरी उन्मूलन का निरीक्षण किया। उन्होंने कुरी उन्मूलन किस तरह किया जाना है, इसकी जानकारी दी। साथ ही आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। इस दौरान रेंजर आरएस मनराल, वन दरोगा महिन गिरी गोस्वामी, संतोष भंडारी, परवेश राना, भुवन चंद्र कांडपाल, वन बीट अधिकारी दीपक कुमार, वाचर गोपाल आदि मौजूद थे।

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