बरेली: राहुल के बाद अब प्रियंका की टीम परख रही दावेदारों की जमीनी हकीकत
बरेली, अमृत विचार। कांग्रेस ने जिला पंचायत सदस्य की एक भी सीट नहीं जीती थी। चुनाव में करारी हार के बाद राहुल गांधी की टीम ने शहर में दो दिन रहकर पार्टी की जमीनी हकीकत परखी, जिसमें उन्हें कांग्रेस को लेकर निराशाजनक फीडबैक मिला था। तब यह बात भी सामने आई थी कि जिला और …
बरेली, अमृत विचार। कांग्रेस ने जिला पंचायत सदस्य की एक भी सीट नहीं जीती थी। चुनाव में करारी हार के बाद राहुल गांधी की टीम ने शहर में दो दिन रहकर पार्टी की जमीनी हकीकत परखी, जिसमें उन्हें कांग्रेस को लेकर निराशाजनक फीडबैक मिला था। तब यह बात भी सामने आई थी कि जिला और महानगर कमेटी के पदाधिकारियों में तालमेल नहीं है।
हालांकि कुछ दिनों के बाद दोनों कमेटियों के पदाधिकारी एकजुट होकर संयुक्त कार्यक्रम कर रहे हैं। कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव 2022 की तैयारी शुरू कर दी है। इसके चलते विधानसभाओं के प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। प्रत्येक विधानसभा से कांग्रेस हाईकमान ने पहले तीन दावेदारों के नाम मांगे। इसके बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की टीम बरेली में रहकर दावेदारों की जमीनी हकीकत परख रही है ताकि उस दावेदार पर दांव खेला जा सके, जिसकी जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ हो। सूत्रों की मानें तो जिले की नौ विधानसभाओं में से तीन पर प्रत्याशियों के नाम पर मोहर लग चुकी है।
कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा महानगर से लेकर तहसील, ब्लाक व गांव स्तर तक अपनी टीम के माध्यम से पांच बिंदुओं पर सर्वे करा रही हैं। बताते हैं कि चुनाव से पहले संगठन में मामूली फेरबदल होने की भी चर्चा है। वरिष्ठ पदाधिकारियों के मुताबिक प्रदेश में सबसे पहले विधानसभा का चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों की सूची कांग्रेस जारी करेगी। दरअसल इस बार उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की पूरी बागडोर प्रियंका गांधी के हाथ में है।
बीते चुनावों की तुलना में 2022 के चुनाव में कांग्रेस हमेशा की तरह पीछे नहीं रहना चाहती है। सूत्रों के मुताबिक 2022 में किन प्रत्याशियों को कांग्रेस का उम्मीदवार बनाया जाए, इसके लिए प्रियंका गांधी ने प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश के अन्य जिम्मेदार पदाधिकारियों के माध्यम से संभावित प्रत्याशियों की पूरी जानकारी एकत्र की है। उसी सूची के आधार पर जिले की मीरगंज, कैंट और शहर विधानसभा के प्रत्याशियों को चुनाव लड़ने की सहमति भी जता दी है। अन्य सीटों पर विचार-विमर्श चल रहा है।
हाईकमान से प्रत्याशियों के चयन का निर्देश मिला है। हालांकि इसके लिए अंतिम तिथि तय नहीं की गई है। कई अन्य संगठनात्मक कार्य भी किए जाने हैं। – अशफाक सकलैनी, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस
