रीता बहुगुणा की मेहनत लाई रंग, भाजपा ने जितेंद्र सिंह बबलू को पार्टी से किया बाहर
नई दिल्ली। भाजपा ने जितेंद्र सिंह बबलू को पार्टी से बाहर निकाल दिया है। वह पिछले दिनों ही बसपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। माना जा रहा है कि रीता बहुगुणा जोशी की शिकायत के बाद ही उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया गया है। मंगलवार को भाजपा मुख्यालय से जारी बयान में …
नई दिल्ली। भाजपा ने जितेंद्र सिंह बबलू को पार्टी से बाहर निकाल दिया है। वह पिछले दिनों ही बसपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। माना जा रहा है कि रीता बहुगुणा जोशी की शिकायत के बाद ही उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया गया है।
मंगलवार को भाजपा मुख्यालय से जारी बयान में पार्टी के प्रदेश मीडिया सह प्रभारी हिमांशु दुबे ने बताया कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने पूर्व विधायक जितेंद्र सिंह बबलू की पार्टी से सदस्यता निरस्त कर दी है। फोन पर पूछे जाने पर हिमांशु दुबे ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उनके (बबलू) मामले की जांच होगी और सभी पक्षों पर विचार विमर्श के बाद उनकी सदस्यता पर निर्णय किया जाएगा। आज सभी पक्षों के अवलोकन के बाद प्रदेश अध्यक्ष ने यह फैसला किया।
लखनऊ स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय में बीती चार अगस्त को आयोजित कार्यक्रम में दूसरे दलों को छोड़कर कई नेता भाजपा में शामिल हुए थे। इनमें से एक थे जितेंद्र सिंह बबलू। वह मायावती के बेहद करीबी माने जाते हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने पटका और माला पहनाकर पार्टी की सदस्यता दिलाई थी। इसी क्रम में उन्होंने जितेंद्र सिंह बबलू का झुककर अभिवादन भी किया था।
इसके बाद तो जैसे भाजपा में ही विरोध होना शुरू हो गया था। प्रयागराज से पार्टी की लोकसभा सांसद रीता बहुगुणा जोशी ने जितेंद्र सिंह बबलू के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। उन्होंने जितेंद्र सिंह बबलू द्वारा तथ्य छुपाकर भाजपा में शामिल होने की बात कही थी और इस संदर्भ में प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलकर जितेंद्र सिंह बबलू की सदस्यता निरस्त करने की भी चर्चा की थी।
दरअसल जितेंद्र सिंह बबलू, वरिष्ठ भाजपा सांसद रीता बहुगुणा जोशी का घर में वर्ष 2009 में आग लगाने के मामले में आरोपी हैं। उस वक्त रीता बहुगुणा कांग्रेस में थी। लखनऊ स्थित जोशी के घर में आगजनी की घटना के समय मायावती प्रदेश की मुख्यमंत्री थीं। बसपा समर्थकों ने जोशी पर बसपा प्रमुख के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया था।
जितेंद्र सिंह बबलू पर दर्जनभर मुकदमे दर्ज हैं। बता दें कि जितेंद्र सिंह बबलू को पिछले साल भी पार्टी में लाने की कोशिश की गई थी लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं के जबरदस्त विरोध के कारण फैसला वापस लेना पड़ा था।
इसके अलावा लखनऊ स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय पर बसपा से ही गाजियाबाद के मनोज शर्मा और रायबरेली से प्रवेश सिंह, आजमगढ़ के लालगंज निवासी कांग्रेस से पूर्व लोकसभा प्रत्याशी पंकज मोहन सोनकर, लखनऊ के सेवानिवृत्त एयर कोमोडोर श्याम शंकर तिवारी और आगरा निवासी समाजसेविका डॉ. बीना लावनिया को पार्टी में शामिल किया गया था। अब सभी की निगाहें बसपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुए मनोज शर्मा और प्रवेश सिंह पर टिकी हुई हैं।
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