यूपी: दुधमुंही बच्ची के साथ किया था दुष्कर्म, कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा
लखनऊ। डेढ़ साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी परशुराम को न्यायालय ने फांसी की सजा सुनाई है। इस कुकृत्य के चलते इलाज के दौरान बहराइच मेडिकल कॉलेज में दुधमुंही बच्ची की मौत हो गई थी। अपर सत्र न्यायाधीश रेप/पॉक्सो एक्ट प्रथम नितिन पांडेय ने सोमवार को अभियुक्त परशुराम को दुष्कर्म के साथ हत्या …
लखनऊ। डेढ़ साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी परशुराम को न्यायालय ने फांसी की सजा सुनाई है। इस कुकृत्य के चलते इलाज के दौरान बहराइच मेडिकल कॉलेज में दुधमुंही बच्ची की मौत हो गई थी। अपर सत्र न्यायाधीश रेप/पॉक्सो एक्ट प्रथम नितिन पांडेय ने सोमवार को अभियुक्त परशुराम को दुष्कर्म के साथ हत्या जैसे अपराध का दोषी पाते हुए फांसी की सजा सुनाई।
आरोपी को सजा दिलाने के लिए पुलिस ने एफआईआर दर्ज होने के महज 28 दिनों में ही कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। अदालत ने भी सिर्फ आठ कार्यदिवस की सुनवाई के दौरान आरोपी को सजा सुनाई है। मामला 22 जून का है जहां जिले के पतरहिया गांव निवासी डेढ़ वर्ष की बच्ची अपनी मां के पास सोई हुई थे। अभियुक्त आधी रात वहां पहुंचा और बच्ची को उठाकर गांव के ही प्राथमिक विद्यालय लेकर गया। वहां उसने दुधमुंही बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाया। आरोपी ने बच्ची को बेहोशी की हालत में झाड़ियों में फेंक दिया था।
मामले में मासूम के पिता ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। विशेष लोक अभियोजक पाक्सो एक्ट संतप्रताप सिंह व संतोष सिंह ने बताया कि अपर सत्र न्यायाधीश पाक्सो एक्ट प्रथम के न्यायालय पर पुलिस ने तीन जुलाई को आरोप पत्र दाखिल किया। अदालत ने 30 जुलाई को अभियुक्त के विरुद्ध आरोप बनाया और अभियोजन पक्ष की ओर से नौ गवाह प्रस्तुत किए गए।
अदालत ने पीड़िता को सिंहिनी के नाम से संबोधित किया और अभियुक्त परशुराम को मृत्युदंड की सजा सुनाते हुए कहा कि अभियुक्त को फांसी के फंदे पर तब तक लटकाया जाय, जब तक उसकी मृत्यु न हो जाए। आरोपी को सजा दिलाने के लिए पुलिस को कई डीएनए रिपोर्ट के साथ ही कई अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य भी एकत्र करने पड़े।
