हल्द्वानी: मलिन बस्तियों को 2024 तक नहीं हटाने के नाम पर जनता को गुमराह कर रही भाजपा सरकार – कांग्रेस

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हल्द्वानी, अमृत विचार। कांग्रेस ने मलिन बस्तियों को 2024 तक नहीं हटाने के फैसले पर भाजपा प्रदेश सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर नाकामी छिपाने और प्रदेश की जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है। मंगलवार को नैनीताल रोड स्थित कुमाऊं कांग्रेस कार्यालय में हुई प्रेस वार्ता में प्रदेश प्रवक्ता …

हल्द्वानी, अमृत विचार। कांग्रेस ने मलिन बस्तियों को 2024 तक नहीं हटाने के फैसले पर भाजपा प्रदेश सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर नाकामी छिपाने और प्रदेश की जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है।

मंगलवार को नैनीताल रोड स्थित कुमाऊं कांग्रेस कार्यालय में हुई प्रेस वार्ता में प्रदेश प्रवक्ता दीपक बल्यूटिया ने कहा कि साल 2016 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने राज्य की मलिन बस्तियों के सुधार, विनियमितीकरण, पुर्नवासन, पुर्नव्यवस्थापन एवं अतिक्रमण निषेध अधिनियम 2016 लाई थी। फिर 30  दिसंबर 2016 को कांग्रेस सरकार ने इस बाबत नियमावली बनाई।

नियमवाली में मलिन बस्तियों को तीन श्रेणियों में बांटा गया। पहली श्रेणी में ऐसी मलिन बस्तियां जिनका भू-स्वामित्व दिया जा सके। दूसरी श्रेणी में आंशिक भू-स्वामित्व अधिकार प्रदान करने और तीसरी श्रेणी में ऐसी मलिन बस्तियों का चिन्हित करना था जिनका पुर्नवास/पुर्नव्यस्थापन किया जा सके। उन्होंने कहा कि 27 जुलाई 2018 को भाजपा सरकार इस अधिनियम को निरस्त कर नया अध्यादेश लाई। इसकी अधिसूचना 17 अक्टूबर 2018 को जारी की गई। इस एक्ट की धारा 4 (1) के अनुसार यह एक्ट लागू होने के तीन साल में मलिन बस्तियों के लिए काम किया जाएगा।

बल्यूटिया ने आरोप लगाया कि तीन सालों में कोई काम नहीं किया गया। अब अक्टूबर का समय नजदीक आ गया है ऐसे में भाजपा प्रदेश सरकार ने राज्य की जनता को गुमराह करने के मकसद से चार साल तक नहीं उजाड़ने का फैसला किया है ताकि विधान सभा और लोकसभा चुनाव को भुना सके।

एआईसीसी सदस्य सुमित हृदयेश ने कहा कि तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश का सपना था कि दमुवाढूंगा को मालिकाना हक मिल सके इसलिए उन्होंने आरक्षित वन भूमि से हटवाया था। साथ ही इस विनियमितीकरण के समय भूमि का सर्किल रेट साल 2000 के अनुसार तय किया गया था लेकिन कागजी कार्यवाही लंबी होती है  इस वजह से उनका यह सपना पूरा  नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि यदि अगले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की सरकार आती है तो दमुवाढूंगा समेत ऐसी बस्तियों का विनियमितीकरण किया जाएगा। इस दौरान नैनीताल जिला मीडिया कोऑर्डिनेटर गोविंद बिष्ट, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सतीश नैनवाल, महानगर अध्यक्ष राहुल छिमवाल भी मौजूद रहे।

राज्य में कुल 584 मलिन बस्तियों को चिन्हित किया गया था

इनमें 102 बस्तियों को श्रेणी एक में चिन्हित किया गया लेकिन उन्हें भी आज तक नियमित नही किया गया। हल्द्वानी नगर निगम क्षेत्र के श्रेणी 1 में अम्बेडकर नगर, गाँधी नगर, गुसाई नगर, कुल्यालपुरा, वैलीजली लाॅज, देवलढॅूगा काठगोदाम, बाराछप्पर/हीरानगर, मुनगली गार्डन, इन्दिरा नगर पश्चिम-ए, नई बस्ती काठगोदाम-ए, जवाहर नगर-ए, राजेन्द्र नगर-ए, बद्रीपुरा काठगोदाम-ए, तथा  नगर निगम क्षेत्र की श्रेणी 3 में चिराग अली साह, ढोलक/गफूर बस्ती, इन्दिरा नगर पश्चिम-बी, इन्दिरा नगर पूर्वी, जवाहर नगर-बी, नई बस्ती काठगोदाम-बी, राजेन्द्र नगर-बी, बद्रीपुरा काठगोदाम-सी शामिल हैं। अथार्त अब इन क्षेत्रों का नियमितिकरण वर्तमान भाजपा सरकार नहीं कराना चाहती है।

इसीलिए सरकार द्वारा विगत तीन वर्षो में इनके पुनर्वास एवं पुनर व्यवस्थापन पर कोई कार्य नहीं किया गया। गफूर बस्ती, ढोलक बस्ती, एवं बनभूलपुरा के लोगों को रेलवे द्वारा जगह खाली करने का नोटिस दिये जाने पर भी ना तो निगम न ही सरकार द्वारा इनकी सुध ली गई। चुनावी वर्ष देखकर भाजपा सरकार द्वारा पुनः इस अवधि के समाप्त होने से एक माह पूर्व इसे फिर तीन वर्षो के लिए बढ़ा दिया गया है जो सरकार की अकर्मण्यता का घोतक है। उत्तराखंड कांग्रेस पब्लिसिटी कमेटी अध्यक्ष सुमित हृदयेश के अध्यक्ष सुमित ह्रदयेश ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी की ओर से मलिन बस्तियों को लेकर की गई घोषणा से जनता में निराशा है।

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