बरेली: मौलाना शाहबुद्दीन बोले- अफगानी जनता और विदेशियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करें तालिबान

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बरेली, अमृत विचार। तंजीम उलमा-ए-इस्लाम के राष्ट्रीय महासचिव और मशहूर इस्लामिक स्कॉलर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने एक प्रेस कान्फ्रेंस बुलाकर अफगानिस्तान के हालात पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान की जनता ने सदियों से खून-खराबा, तबाही और बर्बादी देखी। मौजूदा हालात में जनता द्वारा चुनी गयी हुकूमत एक बार फिर तालिबान द्वारा खत्म …

बरेली, अमृत विचार। तंजीम उलमा-ए-इस्लाम के राष्ट्रीय महासचिव और मशहूर इस्लामिक स्कॉलर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने एक प्रेस कान्फ्रेंस बुलाकर अफगानिस्तान के हालात पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान की जनता ने सदियों से खून-खराबा, तबाही और बर्बादी देखी। मौजूदा हालात में जनता द्वारा चुनी गयी हुकूमत एक बार फिर तालिबान द्वारा खत्म कर दी गई। पहले भी तालिबान की यहां हुकूमत रही है।

कट्टरपंथी विचारधारा और तालिबानी फरमानों के कारण अफगानी जनता परेशान रही तो दूसरी तरफ विश्व स्तर पर इस्लाम और मुसलमानों की छवि भी धूमिल हुयी थी। ताजा घटनाक्रम से विदेशी नागरिकों की सुरक्षा चिंता का विषय है। आशा करते हैं कि तालिबान हुकूमत वहां फंसे भारतीयों के साथ दूसरे देशों के नागरिकों की सुरक्षा को सुनिश्चित करेगी। भविष्य में बिना भेदभाव के प्रवासियों के जान-माल की रक्षा होगी। किसी भी धर्म के अनुयायियों को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा और न ही उनके धार्मिक स्थलों को क्षतिग्रस्त करेंगे।

मौलाना का कहना है कि तालिबान द्वारा अफगानिस्तान पर कब्जा करने से सुन्नी सूफी मुसलमान चिंतित हैं। तालिबान ने ऐलान किया है कि अफगानिस्तान में शरियत कानून लागू करेंगे। अगर तालिबान ने शरियत की आड़ में अफगानी जनता पर जुल्म किया तो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मौलाना ने आगे कहा कि तालिबान एक कट्टरपंथी विचार धारा वाला संगठन है, इसका हमने पहले भी विरोध किया था और आज भी हम तालिबान को तस्लीम करने के लिए तैयार नहीं हैं।

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