हल्द्वानी: आशा कार्यकत्रियों बोली ये 12 सूत्रीय मांगों को पूरा करें सरकार…
हल्द्वानी, अमृत विचार। मासिक वेतन, पेंशन व सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने समेत 12 सूत्रीय मांगों को लेकर आशा कार्यकत्रियों की हड़ताल 17वें दिन भी जारी रही है। बुधवार को ऐक्टू से संबद्ध उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन के बैनर तले आशा कार्यकत्रियों ने महिला अस्पताल में प्रदर्शन कर धरना दिया। उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स …
हल्द्वानी, अमृत विचार। मासिक वेतन, पेंशन व सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने समेत 12 सूत्रीय मांगों को लेकर आशा कार्यकत्रियों की हड़ताल 17वें दिन भी जारी रही है। बुधवार को ऐक्टू से संबद्ध उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन के बैनर तले आशा कार्यकत्रियों ने महिला अस्पताल में प्रदर्शन कर धरना दिया।
उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष कमला कुंजवाल ने कहा कि वेतन और सम्मान के लिए जब तक सरकार मासिक वेतन की घोषणा नहीं कर देती तब तक आशाएं कार्य बहिष्कार पर रहेंगी। इस दौरान महानगर अध्यक्ष रिंकी जोशी, ममता, कमला, राधा, सुनीता, गीता, बसंती, कमलेश, हेमा, उमा, भगवती, हंसी, लता, अनीता, भावना, सीमा आर्य, विमला, खष्टी, मीना, माया, खीमा, शकुंतला, प्रेमा, नसीमा, पुष्पा, प्रियंका, आनंदी मौजूद रहीं।
आशाओं की मांगें
1- आशा वर्करों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा और न्यूनतम 21 हजार वेतन लागू किया जाए।
2- सेवानिवृत्त होने पर पेंशन का प्रावधान किया जाए।
3- पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा घोषित कोरोना भत्ता तत्काल आशाओं को दिया जाए।
4- जब तक मासिक वेतन और कर्मचारी का दर्जा नहीं मिलता तब तक आशाओं का मासिक मानदेय फिक्स किया जाए।
5- कोविड कार्य में लगी आशाओं वर्करों की 50 लाख का जीवन बीमा और 10 लाख का स्वास्थ्य बीमा लागू किया जाए ।
6- कोरोना ड्यूटी के क्रम में मृत आशा वर्करों के आश्रितों को 50 लाख का बीमा और 4 लाख का अनुग्रह अनुदान भुगतान किया जाए।
