सितारगंज: नए कानून किसानों के बजाय पूंजीपतियों के लिए फायदेमंद – मान
सितारगंज, अमृत विचार। संयुक्त किसान मोर्चा की हरदासपुर गांव में हुई बैठक में किसानों से पांच सितंबर मुजफ्फरनगर में होने वाली महापंचायत में शामिल होने की अपील की गई। रविवार को बिजटी रोड स्थित यूपी हरदासपुर गांव के गुरुद्वारा हाल में किसानों की बैठक हुई। जिसमें भारतीय किसान यूनियन टिकैत तथा भारतीय किसान यूनियन चंदूनी …
सितारगंज, अमृत विचार। संयुक्त किसान मोर्चा की हरदासपुर गांव में हुई बैठक में किसानों से पांच सितंबर मुजफ्फरनगर में होने वाली महापंचायत में शामिल होने की अपील की गई।
रविवार को बिजटी रोड स्थित यूपी हरदासपुर गांव के गुरुद्वारा हाल में किसानों की बैठक हुई। जिसमें भारतीय किसान यूनियन टिकैत तथा भारतीय किसान यूनियन चंदूनी के पदाधिकारी शामिल रहे। संयुक्त किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने किसानों को बैठक में केंद्र की मोदी सरकार द्वारा बनाए गए तीनों कृषि काले कानूनों के बारे में जानकारी दी और किसान आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया गया।
भारतीय किसान यूनियन टिकैत के उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड प्रभारी बरविन्दर सिंह मान तथा भारतीय किसान यूनियन चंदूनी के प्रदेश अध्यक्ष गुरसेवक सिंह महार का कहना था कि केंद्र की मोदी सरकार कॉरपोरेट की सरकार है जो तीन कृषि कानून लेकर आई इसमें किसानों का नहीं बल्कि बड़े उद्योगपतियों का फायदा है।
जिसके विरोध में पिछले 9 माह से किसान बॉर्डर पर धरने पर हैं। साढ़े छः सौ से ज्यादा किसानों की मौत हो चुकी है लेकिन केंद्र की मोदी सरकार अड़ियल रवैया अपनाए हुए हैं। वहीं किसान भी पीछे हटने वाले नहीं हैं। पांच सितंबर को संयुक्त किसान मोर्चा की मुजफ्फरनगर में महापंचायत होने वाली है। किसानों से अपील है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में किसान महापंचायत में शामिल हों। जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।
जब तक बिल वापस नहीं होंगे किसान बॉर्डरों से घर वापस जाने वाले नहीं है। आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा मोदी सरकार को इसका खामियाजा उठाना पड़ेगा। कहा किसान भाजपा विधायकों और सांसदों का उनके इलाकों में पुरजोर विरोध करने से भी नहीं हिचकेंगे। इस दौरान भाकियू चंदूनी के प्रदेश सलाहकार साहब सिंह ढिल्लो, मीडिया सलाहकार जगपाल सिंह, हरजिंदर सिंह, गुरमुख सिंह, पूर्व प्रधान जरनैल सिंह बघौरा, परमजीत सिंह, गुरमेल सिंह, भारतीय किसान यूनियन टिकैत से गुरसहाब सिंह, गुरप्रीत सिंह, नवतेज पाल सिंह ,कर्मजीत सिंह, मलकीत सिंह आदि सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे ।
